यानी कि 'G' का मतलब गुर्जर, 'J' के मायने जाट; जयन्त की पोस्ट के कई दिन बाद भी गरमा रही सियासत
रालोद अध्यक्ष जयन्त चौधरी के 'जी' और 'जे' वाले बयान को राजनीतिक गलियारों में गुर्जर-जाट समीकरण के रूप में देखा ...और पढ़ें

केंद्रीय मंत्री जयन्त चौधरी l
HighLights
रालोद अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जयन्त चौधरी की एक्स पोस्ट से गरमाई राजनीति l।
रामपुर मनिहारान की स्वाभिमान रैली में दिए बयान का हवाला देकर कसा तंज।
मनीष जसवंत, सहारनपुर। बीते सप्ताह ही रामपुर मनिहारान के गोचर इंटर कालेज में रालोद अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जयन्त चौधरी ने एक वीडियो के प्रसारण के बाद ए..बी..सी..डी के बाद जी का अर्थ गन्ना और जे का मतलब सभी को पता होने की बात कहते हुए भले ही सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा हो, लेकिन राजनीतिक गलियारों में अंग्रेजी वर्णमाला के दोनों अक्षरों के मायने निकाले जा रहे हैं। एक्स पोस्ट के कई दिन बाद भी जिले में इसकी चर्चा जारी है

केंद्रीय मंत्री जयन्त चौधरी द्वारा एक्स पर डाली गई पोस्ट।
राजनीतिक जानकारों का इशारा है कि जी का मतलब गुर्जर और जे के मायने जाट है। गुर्जर बेल्ट में रालोद अपने परंपरागत जाट वोट बैंक से गठजोड़ के सहारे नए समीकरण रचने की तैयारी में है। रैली के चार दिन बाद रालोद अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जयन्त चौधरी ने एक्स पर पोस्ट कर विपक्ष पर तंज कसते हुए राजनीतिक गलियारों में गर्माहट ला दी है।
सोमवार को रालोद अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जयन्त चौधरी ने अपने एक्स हैंडल पर एक और पोस्ट करते हुए विपक्ष पर कटाक्ष किया कि मैंने तो सहारनपुर में कहा था ए,बी,सी,डी की बात करने वालों को जी और जे में उलझा देंगे....एक रैली से ही बौखलाहट सामने आ गई।
जनपद के राजनीतिक गणित पर गौर करें तो सहारनपुर को गुर्जर बेल्ट के रूप में गिना जाता रहा है। यहां के जननेता चौधरी यशपाल गुर्जर राजनीति के पितामह माने जाते रहे हैं।
हालांकि चौधरी यशपाल की अगली पीढ़ी यानी उनके पुत्र चौधरी इंद्रसेन और चौधरी रुद्रसेन सपा का परचम थामे खड़े हैं। पूर्व मुख्यमंत्री व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की रालोद अध्यक्ष की रैली से ठीक एक दिन पहले जिले में चौधरी परिवार के आवास आमद भी गुर्जर राजनीति के करवट लेने से देखा जा रहा है।
भारतीय जनता पार्टी के दो विधायक गुर्जर हैं। नकुड़ से मुकेश चौधरी और गंगोह से किरत सिंह। यहां याद दिलाना जरूरी है कि पिछले दिनों देवबंद में आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मंच से गंगोह विधायक को किरत सिंह गुर्जर कहकर संबोधित किया था। हालांकि रालोद भाजपा का गठबंधन का साथी है, लेकिन जी-जे यानी गुर्जर-जाट समीकरण को वह भी जिले की सरजमी पर तलाशता दिख रहा है।
