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यूएनओ में उठा मस्जिद प्रकरण तो भड़के शिकायतकर्ता; बोले-पाक को भारत की न्याय प्रणाली पर टिप्पणी का अधिकार नहीं

By Praveen Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 27 Sep 2026 07:31 PM (IST)

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा संयुक्त राष्ट्र में सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण का मुद्दा उठाने पर मुख्य शिकायतकर्ता विकास त्यागी ...और पढ़ें

सहारनपुर की ध्वस्त मस्जिद। फाइल फोटो

सहारनपुर की ध्वस्त मस्जिद। फाइल फोटो

HighLights

  1. पाकिस्तान ने यूएनओ में सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण का मुद्दा उठाया।

  2. शिकायतकर्ता विकास त्यागी ने पाकिस्तान के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

  3. त्यागी ने कहा, पाक को भारत की न्याय प्रणाली पर टिप्पणी का हक नहीं।

संवाद सहयोगी, देवबंद (सहारनपुर)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) के सबसे महत्वपूर्ण अंग संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद ध्वस्तीकरण का मुद्दा उठा तो मामले के मुख्य शिकायतकर्ता बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने भड़क गए। उन्होंने इस अंतरराष्ट्रीय दखल पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे पाकिस्तान की ओछी मानसिकता और भारत के आंतरिक मामलों में असफल हस्तक्षेप करार दिया है।

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हिंदूवादी नेता विकास त्यागी ने कड़े शब्दों में कहा कि पाकिस्तान जैसा देश, जो खुद अल्पसंख्यकों के अधिकारों के हनन और उनके धार्मिक स्थलों को नेस्तनाबूद करने के लिए कुख्यात है, उसे भारत की न्यायपालिका और प्रशासनिक कार्रवाई पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। विकास त्यागी ने कहा कि सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद पूरी तरह से अवैध रूप से बनाई गई थी, जिसका ध्वस्तीकरण किसी पक्षपात के तहत नहीं, बल्कि सक्षम न्यायालय के आदेश और संवैधानिक प्रशासनिक प्रक्रिया के अंतर्गत किया गया है।

उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान है और अवैध निर्माण पर की गई यह कार्रवाई कानून का शासन स्थापित करती है। त्यागी ने पाकिस्तान को पाखंडी बताते हुए कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को अपने ही देश में लगातार तोड़े जा रहे हिंदू मंदिरों, गुरुद्वारों और वहां की अल्पसंख्यक हिंदू व सिख आबादी पर हो रहे अमानवीय अत्याचार क्यों नहीं दिखाई देते। कहा कि पाकिस्तान को भारत की निष्पक्ष न्याय प्रणाली पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। विकास त्यागी ने कहा कि भारत के स्थानीय प्रशासनिक और न्यायिक मामले को अंतरराष्ट्रीय मंच पर तूल देकर इसे इंटरनेशनल मामला बनाना पाकिस्तान की गहरी बौखलाहट और उसकी घटिया राजनीति का परिचायक है।

शहबाज ने यह दिया बयान
इस्लामोफोबिया में चिंताजनक वृद्धि अत्यंत परेशान करने वाली है, क्योंकि मुसलमानों को अभद्र भाषा (हेट स्पीच), भेदभाव, मस्जिदों पर हमलों और पवित्र कुरान के अपमान का सामना करना पड़ रहा है। ठीक हमारी सीमा के पार धार्मिक नफरत को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिसके कारण भीड़ हिंसा, सांप्रदायिक हिंसा, पूजा स्थलों पर हमले और धार्मिक स्वतंत्रता पर पाबंदियां लग रही हैं। भारत के सहारनपुर में 150 साल पुरानी मस्जिद का ध्वस्तीकरण इसका एक स्पष्ट उदाहरण है।