सहारनपुर, जेएनएन। जहरीली शराब से होने वाली मौत का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। तीन थाना क्षेत्रों के 17 गांव में मौत की संख्या बढ़कर रविवार तक 88 हो गई। इससे प्रभावित 90 से ज्यादा मरीजों का उपचार विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौतों के पीछे गहरी साजिश की आशंका जताई और कहा कि ऐसी घटनाएं पहले भी बाराबंकी, हरदोई, आजमगढ़, कानपुर में हो चुकी हैं, जिसकी जांच में साजिश सामने आई थी। साजिश में समाजवादी पार्टी की भूमिका संदिग्ध है। 

प्रभावित इलाकों में आइजी का दौरा 

आइजी ने बताया कि तीनों थाना क्षेत्रों में शराब कांड से प्रभावित इलाकों का दौरा भी किया है। इसके अलावा शनिवार को शामली में थाना कैराना के गांव कमालपुर में भी लोगों को जागरूक किया गया क्योंकि गत वर्ष जहरीली शराब से इस क्षेत्र में भी कई लोगों की मृत्यु हो गई थी। आइजी ने बताया कि शासन ने पूरे मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है, मेरे द्वारा जिसको तैयार करना शुरू कर दिया गया है, जिसे रविवार को पूरी कर शासन को सौंप दिया जाएगा।

शराब के खिलाफ चलाए गए अभियान 

जहरीली शराब ने सहारनपुर के थाना देवबंद, नागल व गागलहेड़ी क्षेत्र में कोहराम मचा दिया। सहारनपुर से मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किए गए 18 ग्रामीणों ने रात दम तोड़ा तो जिला प्रशासन सहम गया। रविवार तक होने वाली मौत में गांव उमाही में 14, सलेमपुर में नौ, ताजपुर में पांच, कोलकी में 14, शरबतपुर में तीन, बढ़ेडी गुर्जर में चार, खजूरी अकबरपुर में दो, पठेड़ में एक, बडोला में तीन, गागलहेड़ी में एक, गांव कमाली में एक, देवबंद के गांव नाफेपुर में दो, शिवपुर में चार, खेड़ामुगल में चार, डांकोवाली में एक, बिलासपुर में एक, नितानंदपुरी में एक, गड़ोरा में एक, मोहिद्दिनपुर में एक  और तल्हेड़ी खुर्द में एक की मौत हो चुकी है। पुलिस द्वारा शराब के खिलाफ चलाए गए अभियान में करीब 400 लीटर लाहन व अवैध शराब जब्त कर 39 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

सामूहिक चिताएं देख दहले दिल

गांव खेड़ामुगल में चार, गांव उमाही में नौ तथा सलेमपुर में पांच लोगों के शवों का सामूहिक चिता जलाकर अंतिम संस्कार किया गया। यह मंजर देख वहां मौजूद लोगों की रूह कांप गई। गांव कोलकी में शवों का अलग-अलग दाह संस्कार किया गया। जिलाधिकारी आलोक पांडे ने बताया कि अब तक 46 ग्रामीणों की मौत हुई है। सभी का पोस्टमार्टम कराया गया है। इनमें से 36 लोगों की मौत शराब से होना डाक्टर द्वारा बताया जा रहा है। अन्य ग्रामीणों की मौत विभिन्न रोगों से होना बताया गया है। पुलिस व आबकारी टीम की संयुक्त कार्रवाई चल रही है।

यह है मामला

हरिद्वार के थाना झबरेड़ा के गांव बालूपुर में ज्ञान सिंह के बड़े भाई की तेरहवीं में गुरुवार रात शराब परोसी गई थी। इसी के पीने से अब तक 88 लोगों की मौत और 90 से ज्यादा के उपचाराधीन होने की बात कही जा रही है। सहारनपुर के ही एक ग्र्रामीण पिंटू द्वारा शराब लाना बताया जा रहा है। उसकी भी शराब पीने से मौत हो गई।

डीएम-एसएसपी पर लगे रासुका

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री से जिलाधिकारी, एसएसपी व सीओ के खिलाफ रासुका की कार्रवाई और मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये व सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की है। चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी तो सोमवार से वह कलक्ट्रेट में धरने पर बैठेंगे।

जहरीली शराब प्रकरण सरकार की विफलता : मसूद

जहरीली शराब से हुई मौतों ने राजनीतिक गलियारे में भी हलचल पैदा कर दी है। मेरठ मेडिकल कॉलेज में पहुंचे कांग्र्रेस नेता इमरान मसूद ने सहारनपुर प्रकरण को सरकार की विफलता बताया। कांग्र्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद ने मर्चरी पहुंचकर भी मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। दावा किया कि मौत का आंकड़ा 86 पार कर चुका है। पीडि़तों की आर्थिक स्थिति कमजोर है। लिहाजा सरकार को चाहिए कि उनके जीवन-यापन, बच्चों की पढ़ाई व परिवार के खर्च का इंतजाम करे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से 50 लाख व बीमारों को 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की।

Posted By: Nawal Mishra

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