सहारनपुर, जेएनएन। सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, परंतु नकुड़ क्षेत्र में चिकित्सकों की मनमानी के चलते मरीजों को सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। चिकित्सकों की मनमानी के चलते स्वास्थ्य केंद्र सो पीस बनकर रह गए हैं।

सरकार द्वारा आम आदमी तक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए सीएचसी के साथ ही पीएचसी तथा उप स्वास्थ्य केन्द्र खोले गए हैं लेकिन इन पर नियुक्त चिकित्सकों की मनमानी के चलते मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इन उपकेंद्रों पर नियुक्त चिकित्सक व अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी माह में मात्र एक या दो बार उपस्थित होते हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के साथ ही क्षेत्र में इस्लाम नगर, टाबर, अघ्याना, फंदपुरी, अंबेहटा में स्वास्थ्य केन्द्र खोले गए हैं। परंतु यहां अंबेहटा व फंदपुरी को छोड़कर किसी भी केंद्र पर नियुक्त चिकित्सक व स्टाफ महीने में एक या दो दिन ही हाजरी लगा रहे हैं। गांव अघ्याना के प्रमोद त्यागी, पूर्व प्रधान विनोद त्यागी, सुरेन्द्र व आशीष ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र महीने में एक या दो दिन ही खुलता है। चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी डयूटी के दौरान कक्ष से घंटों गायब हो जाते हैं। मरीजों से दु‌र्व्यवहार आम समस्या हो गई है। क्षेत्रवासियों ने जिला अधिकारी से ऐसे चिकित्सकों व कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। इस सबकी बाबत प्रभारी चिकित्सक डा. अमन गोपाल ने बताया कि दवाई वितरण करने वाले कर्मचारी को मरीजों के मेडिकल भी कराने पड़ते हैं। कई बार ऐसी समस्या आती है। जबकि उप केंद्रों पर चिकित्सक की गैरहाजिर की बाबत उनका कहना है कि उनकी जानकारी में नहीं।

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Posted By: Jagran