सहारनपुर, जेएनएन। ग्रामीण क्षेत्रों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रक्रिया आरंभ होते ही पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। शासन के निर्देशों पर खुफिया विभाग द्वारा अपराधी प्रवृत्ति के लोगों की कुंडली खंगाली जा रही है। इतना नहीं पुलिस द्वारा ऐसे लोगों को भी चिन्हित किया जा रहा है, जिन लोगों ने पूर्व के पंचायत चुनाव में गड़बड़ी करने का प्रयास किया था।

वर्ष 2015 में हुए पंचायत चुनाव में देवबंद सर्किल के कई गांव में संघर्ष हुआ था। कई स्थानों पर तो दो गुटों में फायरिग तक हो गई थी। इन घटनाओं से सबक लेकर प्रशासन ने इस बार शुरुआती दौर से ही ऐसे तत्वों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है, जिनके खिलाफ थानों में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। सीओ रजनीश उपाध्याय ने बताया ग्रामीण क्षेत्रों में बीटवार पुलिसकर्मियों को भी लगाया गया है, जो अपने अपने क्षेत्रों में अपराधी प्रवृत्ति के लोगों पर नजर बनाए हैं। बताया कि खुफिया विभाग की टीम भी अपने स्तर से संवेदनशील व अतिसंवेदनशील गांव में निवास करने वाले गैंगस्टर वह हिस्ट्रीशीटर बदमाशों कुंडली खंगालने में जुटी है।

हथियारों की तस्करी करने वालों पर भी रहेगी नजर

कोतवाली पुलिस द्वारा एक माह पूर्व नगर के नूरपुर चौराहे पर छापामारी करते हुए अवैध हथियारों की एक फैक्ट्री पकड़ी थी। यहां से तमंचे भी बरामद किए थे। बताया जा रहा था कि उक्त सभी हथियार पंचायत चुनाव में सप्लाई के लिए बनाए गए थे। इसी के बाद से पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

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