विश्वविद्यालय बनने से छिन गया राजकीय महाविद्यालय

सहारनपुर, टीम जागरण। पुवांरका में मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय बनने से राजकीय महाविद्यालय यहां से समाप्त हो जाएगा। महाविद्यालय का भवन अगले वर्ष विवि में समाहित होगा। यूजी प्रथम वर्ष के महाविद्यालय में गत वर्ष से प्रवेश बंद कर दिए गए थे और इस वर्ष केवल द्वितीय और तृतीय वर्ष की परीक्षाएं चल रही हैं। जिला मुख्यालय से करीब 17 किमी दूर गांव पुवांरका में 22 वर्ष की यात्रा पूरी कर चुका राजकीय महाविद्यालय इस बार स्नातक द्वितीय व तृतीय वर्ष की परीक्षाएं करा रहा है। वर्ष-2023 में स्नातक तृतीय वर्ष की परीक्षाएं होने के साथ ही महाविद्यालय समाप्त हो जाएगा। वर्ष-2000 से संचालित महाविद्यालय में प्रत्येक शैक्षिक सत्र में करीब 650 छात्र-छात्रााएं प्रवेश लेते रहे है। 20 वर्षों के दौरान यहां से 13 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं बीए व बीकाम उत्तीर्ण कर चुके है। पुवांरका और उसके आसपास के गांवों में पांच इंटर कालेज संचालित है। भाजपा नेता दुष्यंत सिंह बताते है कि कालेज के हर शैक्षिक सत्र में 80 फीसद छात्राएं होती थी। बेटियों को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए अब सहारनपुर अथवा बेहट के कालेजों का रूख करना पड़ेगा। अन्य कालेजों की गांव से दूरी पुवांरका से राजकीय महिला महाविद्यालय बेहट 25 किमी, सहारनपुर का एमएस कालेज सहारनपुर 12 किमी, मुन्नालाल एंड जयनारायण खेमका गर्ल्स कालेज 14 किमी, जेवी जैन कालेज सहारनपुर 17 किमी दूर है। उच्च शिक्षा मंत्री से लगा चुके गुहार अप्रैल में मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय पुवांरका पहुंचे उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को पुवांरका के ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा था जिसमें राजकीय महाविद्यालय को विश्वविद्यालय में शामिल करने के शासन के निर्णय पर बेटियों के भविष्य को देखते हुए फिर से विचार करने का आग्रह किया गया था। इन्होंने कहा राजकीय महाविद्यालय को समाप्त करने का निर्णय शासन द्वारा लिया गया है। कोई नया आदेश इस संबंध में नहीं मिला है। प्रोफेसर एचएस सिंह, कुलपति मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय पुवांरका।

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