सहारनपुर, जेएनएन। आयुष मंत्रालय भारत सरकार व आइसीसीआर के सहयोग से अग्रणी योग संस्था मोक्षायतन योग संस्थान द्वारा आयोजित चार दिवसीय ग्लोबल योग कांफ्रेंस के पहले दिन दक्षिण अफ्रीका, मारीशस व ताइवान के योग विशेषज्ञ शामिल हुए। सभी ने योग को प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में अहम बताया।

गुरुवार को आनलाइन कांफ्रेंस के पहले दिन के सत्र में एसोसिएशन आफ आयुर्वेदिक फिजिशियन मारीशस के प्रेसिडेंट डा. कोमल चंद राधाकिसून ने योग एवं आयुर्वेद पर अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने में योग और शाकाहार का महत्व अब दुनिया समझ रही है। दक्षिण अफ्रीका की जानी मानी डाक्टर, योग एवं आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डा. नेशन्त्री गोविदर ने कहा कि शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति को स्वयं प्राकृतिक रूप से बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने याद किया कि जोहानिसबर्ग में भारतीय योगी आचार्या प्रतिष्ठा से ही उन्होंने समझा कि दवा हमें बाहर से सुरक्षा देती है लेकिन ठीक हमे अपनी प्रतिरोधक शक्ति से ही होना होता है।

ताइवान में इंटीग्रल योगा की अध्यक्ष जिनी मलिका चेन ने योग द्वारा इम्यूनिटी को बेहतर कर वायरस व संक्रमण से बचने के अचूक तरीके बताए। उन्होंने चीन और ताइवान में प्रचलित ताई ची को योग के बहुत करीब बताया और कहा कि इसीलिए उनके देश में योग लोगों की पहली पसंद बन चुका है।

मोक्षायतन योग संस्थान की निदेशक आचार्य प्रतिष्ठा ने बताया कि महिला डाक्टर और विशेषज्ञों को कितने धैर्य और संतुलन से विषमता में काम करना होता है। उन्होंने सहारनपुर में स्थित मोक्षायतन योग संस्थान की वैश्विक पहचान व विश्व स्तर पर चल रहे कार्यक्रमों के विषय में बताया। मोक्षायतन योग संस्थान के परमाध्यक्ष स्वामी भारत भूषण ने इन सत्रों की सफलता के लिए संस्थान की पूरी टीम को आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रीति सूर्यवंशी ने किया।

Edited By: Jagran