सहारनपुर, जेएनएन। रविवार को प्रथम नवरात्र से शाकंभरी में लगे शारदीय नवरात्र मेले की व्यवस्था बाढ़ के हालात के कारण छिन्न-भिन्न हो गई है। शनिवार की आधी रात व रविवार की सुबह पहाड़ों पर वर्षा के बाद फिर नदी में पानी की तेज धार में श्रद्धालु फंस गए, जिन्हें घंटों बाद प्रशासन ने जेसीबी से निकलवाया। उधर, श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर माता के दरबार तक पहुंच रहे हैं।

रविवार को प्रथम नवरात्र से मेला शुरू हो गया, लेकिन शनिवार की रात भी नदी में फिर से पानी आ गया। यही नहीं शिवालिक पहाड़ी पर लगातार हुई वर्षा के कारण रविवार की सुबह फिर नदी में तेज धार आई। इस बीच भोर में ही श्रद्धालुओं का माता के दर्शन के लिए तांता लग गया था। नदी में तेज पानी आ जाने के कारण श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई। बहुत से श्रद्धालुओं ने बीच में मिले किसी भी टापू पर चढ़कर जान बचाई। कई महिला-पुरुष श्रद्धालु तेजधार की चपेट में आकर गिर गए, जिन्हें साथ चल रहे अन्य श्रद्धालु एवं पुलिसकर्मियों ने जान पर खेलकर बचाया। स्वयं एसपी देहात विद्या सागर मिश्र भी श्रद्धालुओं को पानी पार कराने में मदद कर रहे थे। पानी कम होने के बाद प्रशासन द्वारा इन सभी श्रद्धालुओं को जेसीबी से सुरक्षित निकलवाया गया। इस बीच आसपास के गांव से स्वयंसेवक भी पानी पार कराने में श्रद्धालुओं की मदद कर रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने पीएसी की एक फ्लड प्लाटून सहित तमाम व्यवस्थाएं कर रखी हैं। मौके पर मौजूद एसडीएम देवेंद्र पांडे व जिला पंचायत के लोग बार-बार अनाउंसमेंट कर श्रद्धालुओं को तेज पानी में न घुसने की चेतावनी दे रहे हैं, लेकिन श्रद्धालु थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। दोपहर में जिला पंचायत ने 5-6 ट्रैक्टर ट्राली श्रद्धालुओं को भूरा देव से मुख्य मंदिर तक लाने और ले जाने के लिए लगा दी हैं। शाकंभरी देवी में शुक्रवार की आधी रात के बाद आई बाढ़ में एक दुकानदार की तो मौत हो गई थी, जबकि दो घायल हो गए थे। इसके बाद से व्यवस्था का जिम्मा प्रशासन ने अपने हाथों में ले लिया था।

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पार्किंग व्यवस्था भी श्रद्धालुओं के लिए बनी मुसीबत

पार्किंग की व्यवस्था भी पर्याप्त न होने कारण श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते नागल माफी से भागूवाला तक वाहनों की लाइनें लग गई। ऐसे में श्रद्धालुओं को भी कई किलोमीटर पैदल चलकर ही भूरा देव तक पहुंचना पड़ रहा है।

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जिला पंचायत अध्यक्ष ने की मेले के उद्घाटन की औपचारिकता पूरी

मेले की आयोजक जिला पंचायत सहारनपुर की अध्यक्ष तसमीम बानो ने दोपहर में भूरादेव मंदिर के पास ही फीता काटकर मेले के उदघाटन की औपचारिकता पूरी की। उनके साथ अपर मुख्य अधिकारी सुमनलता व जिला पंचायत का स्टाफ मौजूद था। ---इनसेट---

नदी में पानी के कारण शाकंभरी मेला दो दिन के लिए स्थगित

जागरण संवाददाता, सहारनपुर : सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी पर शारदीय नवरात्र पर लगने वाले मेले को इस बार नदी में पानी आने के कारण जिला प्रशासन ने दो दिन के लिए स्थगित कर दिया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। पहाड़ों पर हो रही बारिश रुकने तथा पानी उतरने के बाद मेला सामान्य दिनों की भांति चलेगा।

अपर जिलाधिकारी प्रशासन एसबी सिंह ने बताया कि शाकंभरी देवी स्थित नदी में पानी आने के कारण शुक्रवार को बाढ़ आ गयी थी। जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी और कई लोग घायल हैं। शारदीय नवरात्र के पहले दिन भी नदी में पानी आने के बावजूद श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर माता के दर्शनों के लिए आए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एक अक्टूबर तक मेले को स्थगित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि नदी में पानी आने तक मेले में ना जाए।

Posted By: Jagran

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