जेएनएन, सहारनपुर। देवबंद के परोली के ग्रामीणों ने बुधवार को एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर गांव के तालाब को अतिक्रमणकारियों के कब्जे से मुक्त कराने की मांग रखी।

परोली के काफी संख्या में उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने प्रदर्शन उपरांत एसडीएम राकेश कुमार सिंह को ज्ञापन दिया। कहा गया कि गांव में हरिजन बस्ती के समीप वर्षों पुराने तालाब पर कुछ दबंग किस्म के लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। जिससे पानी की निकासी न होने के कारण हरिजन बस्ती के घरों में गंदा पानी घुस रहा है। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। इतना ही नहीं संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका भी बनी हुई है। बताया कि अतिक्रमण कर लिए जाने के चलते उक्त तालाब की लंबे समय से सफाई व खुदाई भी नहीं हो पाई है। ग्रामीणों के मुताबिक पूर्व में भी अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने एसडीएम से तालाब को अतिक्रमणमुक्त कराकर उसकी सफाई व खुदाई कराने की मांग की। एसडीएम ने ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस दौरान जोगेंद्र, राकेश कुमार, नरेंद्र, यशपाल, अमित, अमर सिंह, लोकेश कुमार, बाबूराम, किशन, अनिल कुमार, अजय, सोनू आदि मौजूद रहे।

मांगों को लेकर किसानों का धरना प्रदर्शन, पीएम को भेजा ज्ञापन

देवबंद में किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के बैनर तले किसानों ने जुलूस निकाला। साथ गन्ना समिति कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन करते हुए अधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा।

बुधवार को काफी संख्या में किसान सहारनपुर-मुजफ्फरनगर स्टेट हाइवे स्थित जामिया तिब्बिया कालेज के सामने एकत्र हुए और अपने निजी वाहनों पर सवार होकर जुलूस की शक्ल में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रेलवे रोड स्थित सहकारी गन्ना विकास समिति पहुंचे। यहां किसानों ने धरना प्रदर्शन किया। पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार में किसानों का उत्पीड़न जारी है। आज किसान अपनी खेती बचाने के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहा है। लेकिन सरकार डंडे के जोर पर उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। किसान समय आने पर सरकार को इसका जवाब देंग। इस दौरान किसानों ने धरनास्थल पर पहुंचे एसडीएम राकेश कुमार सिंह को मांगों से संबंधित ज्ञापन दिया। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन में उत्तर प्रदेश को चार भागों में विभाजित कर पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण किए जाने, गन्ना मूल्य 600 रुपये कुंतल घोषित करने, बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने, बिजली एवं पेट्रोलियम पदार्थों के बढ़े दाम वापस लेने, किसानों के सभी कर्ज माफ किए जाने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कराने, मनरेगा को खेती से जोड़ने आदि मांगें की गईं। धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

Edited By: Jagran