करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ के जाली नोट मिलने के मामले में NIA का एक्शन जारी, दो और गिरफ्तार
Saharanpur News: पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने के मामले में एनआईए ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
एनआईए ने अंबाला से अजय कुमार और मनाली से हरीश रौंटा को दबोचा।
पहले गिरफ्तार किए गए आदेश चौधरी के करीबी बताए जा रहे दोनों आरोपित।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए ) ने दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपित करेंसी चेस्ट में संविदा के रूप में ड्राइवर के पद पर तैनात आदेश चौधरी के करीबी बताए जा रहे हैं। मामले में अब तक सात आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
करेंसी चेस्ट से 5 अगस्त 2026 को 111 करोड़ रुपये आरबीआइ जयपुर भेजे गए थे, जिनमें गले, कटे व अन्य नोट थे। वहां गिनती होने के बाद इनमें चार लाख 30 हजार 900 रुपये कम मिले थे। इसकी जांच शुरू हुई तो 17 करोड़ 29 लाख रुपये के नकली नोट मिले थे।
मामले में 29 अगस्त को पीएनबी के मुख्य प्रबंधक अरुण कुमार चौबे की शिकायत पर सदर बाजार थाने में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। चोरी के मामले में पार्ट टाइम हाउसकीपर विशाल कुमार को नामजद किया गया था। नकली नोट मिलने के मामले में पीएनबी के मंडल प्रबंधक रवि कुमार कांसे, सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट के प्रबंधक सुशील कुमार व चेस्ट में कुछ दिन पहले तक तैनात रहे जगाधरी में पीएनबी की करेंसी चेस्ट के प्रबंधक अमित कुमार को नामजद किया गया था। इसके बाद तीनों को निलंबित कर दिया गया था।
तीन सितंबर को एनआइए ने जांच अपने हाथों में लिया। जगाधरी करेंसी चेस्ट के प्रबंधक अमित कुमार, करंसी चेस्ट में संविदा पर तैनात ड्राइवर आदेश चौधरी, मुकेश कुमार, राजेंद्र और नीतू को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। 16 अक्टूबर को अंबाला से अजय कुमार को और 22 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश के मनाली से हरीश रौंटा को गिरफ्तार किया गया।
दोनों आदेश चौधरी के करीबी हैं। दोनों की गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में जाली नोटों की छपाई से लेकर उनकी सप्लाई और बैंक की करेंसी चेस्ट तक पहुंचने की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। एनआइए के मुताबिक अजय कुमार और हरीश रौंटा पहले से गिरफ्तार आरोपितों के संपर्क में थे।
एजेंसी ये पता लगाने में जुटी है कि जाली नोट कहां छापे गए, उनकी सप्लाई किन माध्यमों से हुई और इतनी बड़ी खेप बैंक की करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंची। मामले में व्यापक साजिश का पर्दाफाश करने के लिए जांच जारी है। एजेंसी अन्य सह-आरोपितों और संदिग्धों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
