सहारनपुर, जेएनएन। गंगोह क्षेत्र की सियासत में भरोसे की दीवार हमेशा से मजबूत रही। यहां सियासत में जिसने भी भरोसा जीता, वही सिकंदर बना। काजी परिवार ने मतदाताओं के भरोसे के चलते दशकों तक राज किया। कांग्रेस के चौ. यशपाल सिंह ने आमजन का भरोसा जीता और दशकों तक क्षेत्रीय राजनीति के क्षत्रप रहे। गंगोह की राजनीति में अब यही भरोसा प्रदीप कुमार को लेकर जागा है। तीन बार के विधायक रहे प्रदीप को जब भाजपा ने कैराना लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया तो कड़े मुकाबले के बावजूद गंगोह विस. ने उन्हें दिल्ली तक पहुंचा दिया। नानौता पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवा रंग में रंग चुकी भरोसे की इस दीवार को और ऊंचा व मजबूत करने का प्रयास किया। कहा-जिस तरह प्रदीप पर भरोसा कर उन्हें लखनऊ से दिल्ली भेजा है, यही भरोसा आगे भी कायम रहे। इस कोशिश में मुख्यमंत्री योगी ने कई राष्ट्रवादी बाण भी चलाए। दरअसल गंगोह की सिसासत का भावनात्मक पक्ष काफी मजबूत है। यही वजह है कि आम लोगों में भरोसा कायम करके चौ. यशपाल सिंह लगातार इलाकाई राजनीति से लखनऊ पहुंचते रहे। चार दशक तक राजनीति में दबदबा रखकर नौ बार सांसद रहे काजी रशीद मसूद भी इस क्षेत्र से हमेशा आगे रहे। सांसद प्रदीप के पिता व पूर्व विधायक स्व. मास्टर कंवरपाल भी इसी ट्रैक पर रहे। पिता के निधन के बाद प्रदीप भी इसी राह पर चल पड़े। 1999, 2012 के बाद वह 2017 में विधायक चुने गए। भाजपा ने उन्हें लोकसभा का टिकट दिया और वह 2019 में कैराना से सांसद बनकर दिल्ली पहुंचे। भाजपा को इस जीत ने यह एहसास करा दिया कि काजी तथा चौधरी परिवार का भरोसा टूटकर भाजपा के पास आ चुका है। इसीलिये मुख्यमंत्री ने नानौता पहुंचकर संबोधन की शुरुआत में ही यहां की जनता के भरोसे का धन्यवाद ज्ञापित किया। कहा, जो भरोसा आप लोगों ने प्रदीप को दिल्ली भेजने में दिखाया था, वही भरोसा कायम रखना है।

Posted By: Jagran

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