संवाद सहयोगी, सहारनपुर: 56 दिन बाद खुली अदालतों में पहले दिन कोरोना के चलते देह त्याग चुके अधिकारी, अधिवक्ता व कर्मचारी के लिए सामूहिक शोक सभा का आयोजन किया। दो मिनट के मौन के साथ सभी ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी।

कोरोना के चलते 27 अप्रैल के बाद 23 जून को अदालतें विधिवत खुलीं। इन 56 दिनों में केवल ऐसे कार्य हुए जिनमें अधिवक्ताओं की आवश्यकता नहीं थी। यही कारण रहा कि लगभग दो माह तक कई अधिवक्ता आर्थिक संकट से गुजरे। बुधवार को अदालत पूर्व निर्धारित समयानुसार खुलीं। पहले बार संघ में अधिवक्ताओं ने अपने दो दर्जन से अधिक अधिवक्ताओं के निधन पर शोक सभा आयोजित की इसके पश्चात दोपहर में सामूहिक रूप से न्यायिक अधिकारियों और बार संघ के पदाधिकारियों ने सहकर्मियों की याद में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। जिला जज अश्वनी कुमार त्रिपाठी, बार संघ अध्यक्ष अभय सैनी, महासचिव राहुल त्यागी के अलावा एडीजे आराधना रानी, वीर कनेडी लाल, मनोरमा, विजय कुमार डूंगरा कोटी, सुभाष चंद्रा, ललिता गुप्ता अपर्णा पांडे, कल्पना पांडे, परितोष श्रेष्ठ, सीजेएम अनिल कुमार, वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर विशंभर सिंह, अरविद शर्मा आदि उपस्थित रहे।

छात्र की रिहाई को प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन

सहारनपुर: सरिया हिदू वाहिनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे ज्ञापन में आस्ट्रेलिया में बंद छात्र की रिहाई कराने की मांग की है। संगठन ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।

बुधवार को एक प्रतिनिमंडल जिलाध्यक्ष अमित शर्मा के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंचे एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया। संगठन ने ज्ञापन में कहा कि करनाल निवासी विशल जूड़ उर्फ राहुल वर्ष-2017 में सिडनी अस्ट्रेलिया पढ़ाई के लिए गया था। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को किसान आंदोलन के दौरान जब भारतीय ध्वज का अपमान किया जा रहा था तब वहां मौजूद विशाल ने इसका विरोध किया और उसी दौरान कुछ लोगों ने विशाल पर हमला कर दिया था। बाद में साजिश के तहत विशाल को जेल में डाल दिया गया। वाहिनी ने प्रधानमंत्री से मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए विशाल को रिहा कराने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में महानगर अध्यक्ष पंकज पंडित, शुभम पंडित, राखी चौधरी, सुदेश चौधरी, अमित पंडित, शक्ति राणा, श्रेय गौड़, मानू पंडित, शिव नारायण, विकास, दीपक टोंक, हर्ष उपाध्याय आदि थे।

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