सहारनपुर, जेएनएन। ठेकेदार सुभाष चौधरी की हत्या में पुलिस हरिद्वार व देहरादून में ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। मोबाइल कॉल रिकार्ड में पुलिस को कुछ ऐसे नंबर मिले हैं, जिसके आधार पर पुलिस दावा कर रही है कि हत्या करने वाले बेहद करीबी हैं, जिनसे उनकी सोमवार को मुलाकात हुई थी। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि हत्या के पीछे असल वजह क्या है?

जिला हरिद्वार के थाना भगवानपुर के गांव महेश्वरी के रहने वाले पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार सुभाष चौधरी का शव मंगलवार सुबह थाना फतेहपुर क्षेत्र के गांव नानका के बाहर हाईवे पर कार के अंदर मिला था। स्टार्ट कार में चालक सीट पर खून से लथपथ सुभाष का शव स्टेयरिग पर औंधे मुंह पड़ा था। एसएसपी ने राजफाश के लिए एसओ फतेहपुर अमित शर्मा, अभिसूचना विग इंचार्ज जर्रार हुसैन तथा सर्विलांस टीम प्रभारी बिजेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में तीन टीमों को गठन किया था। सर्विलांस टीम सुभाष चौधरी के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकाले जाने के साथ ही मौका-ए-वारदात से बीटीएस उठा कर कातिल तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। अभिसूचना विग के हाथ भी पुख्ता सबूत लगे हैं, जिसके आधार पर वह भी हरिद्वार व देहरादून की ओर दबिश डाल रहे हैं। टीम मान रही है कि कातिल जो भी वह बहुत ही शातिर है, जानबूझ कर सहारनपुर तक आया और हत्या कर गायब हो गया। इतना ही नहीं हत्या में एक से ज्यादा लोग शामिल हैं, क्योंकि मुख्य हत्यारा जो है, वह कार में सुभाष के बराबर वाली सीट पर बैठ कर उसे बातों में उलझाये रहा और पीछे बैठे व्यक्ति ने मौका मिलते ही गला रेत कर हत्या कर दी, क्योंकि कार में संघर्ष के कुछ ऐसे निशान भी मिले हैं, जिससे ऐसा लग रहा है कि प्रहार होने के बाद सुभाष ने बराबर वाली सीट पर बैठे व्यक्ति को पकड़ने की कोशिश की है। एसएसपी ने बताया कि टीम लगी हुई है, जल्द ही राजफाश कर दिया जाएगा।

Posted By: Jagran

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