जेएनएन, सहारनपुर। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव से क्षेत्र में बुखार समेत अनेक तरह की बीमारियां फैल रही हैं वहीं किसान भी मौसम को लेकर चितित नजर आ रहे हैं।

पिछले एक पखवाड़े से मौसम लगातार रंग बदल रहा है। कभी ठंड तो कभी गर्मी, कभी बादल तो कभी धूप की आंख मिचौली के बीच क्षेत्र में लोगों को बुखार व डेंगू समेत कई तरह की बीमारियों ने घेर रखा है। क्षेत्र में फैली इन बीमारियों से लोग परेशान हैं। घर-घर फैले बुखार आदि बीमारियों से लोगों के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इस समय वायरल होने की बात कहता है, लेकिन डेंगू का डर लगातार सता रहा है। इस मौसम से दमा के मरीज ज्यादा दुखी हो गए है। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव ने किसानों की चिता भी बढ़ा रखी है। इंटरनेट मीडिया पर आने वाली मौसम की भविष्यवाणी इस चिता का कारण बन जाती है। मानसून की विदाई की खबरों ने हालांकि खेत में खड़ी फसलों के प्रति किसान को राहत दी है लेकिन बदल रहा मौसम सभी को परेशान कर रहा है। इस मौसम की अन्य फसलों से निपट कर किसान खेत में इस समय गेहूं बोने की तैयारी कर रहा है। उन्हें डर है कि मौसम कहीं उनके काम में ब्रेक न लगा दे।

मौतों के बढ़ते आंकड़े देख जांच को पहुंची टीम

ननौता क्षेत्र में बुखार से हुई लोगों की मौत से मचे हड़कंप के चलते के स्थानीय स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों द्वारा गांव लंढौरा में शिविर लगाकर सैकड़ों ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच कर निश्शुल्क दवा दी गई।

उल्लेखनीय है कि चार दिन पूर्व गांव लंढौरा में बुखार की चपेट में आकर 13 वर्ष से छात्र आर्यन पुत्र सोनू वत्स की मौत हो गई थी। स्थानीय सीएचसी प्रभारी अधीक्षक डा. प्रमोद कुमार के निर्देशन में डा.प्रेम कुमार के नेतृत्व में गांव लंढौरा के विद्यालय में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। शिविर में जांच में लगभग 100 से ज्यादा ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की गई जिसमें बुखार ग्रस्त 32 ग्रामीणों की जांच हेतु रक्त पट्टिका में बनाई गई। इसके अलावा उल्टी दस्त के 4 मरीज तथा चर्म रोग के 18 रोगी मिले। सभी को निशुल्क दवा दी गई। स्वास्थ्य टीम में फार्मासिस्ट निष्काम,एचएस अनूप श्रीवास्तव, तिरसपाल एलटी, सुबोध कुमार व निवेश चौधरी, अमित कुमार, राजेंद्र सिंह नेगी, नरेंद्र पंवार, सहित प्रधान नीरज कुमार व प्रधानाध्यापिका अंजू आदि उपस्थित रहे।

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