सहारनपुर (जेएनएन)। सीबीआइ ने आज आइटीसी गेस्ट हाऊस में पट्टाधारकों और स्टोनक्रशर संचालकों से पूछताछ की। सीबीआइ के एएसपी एनके पाठक के नेतृत्व में आई टीम कई दिन से अवैध खनन की जांच  कर रही है। सीबीआइ अवैध खनन के मामले में सोमवार को निलंबित हुए जिला खनन अधिकारी अभय रंजन से भी पूछताछ करेगी। करीब एक हजार करोड़ की राजस्व चोरी से संबंधित 437 पत्रावलियों के संबंध में सहारनपुर में तैनात रहे कई पूर्व जिलाधिकारियों से भी पूछताछ के लिए सीबीआइ शासन को पत्र लिखेगी। 

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पट्टाधारक बसपा एमएलसी महमूद अली से पूछा गया कि 21 मई 2011 को डीएम द्वारा शासनादेश के अनुपालन में उनके पट्टे का नवीनीकरण इस शर्त के साथ किया गया था कि वे पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र प्राप्त लेंगे। इस पर उसने प्रमाण पत्र दिखाया। टीम ने पूछा कि क्या मंत्रालय की टीम ने कभी मौका-मुआयना किया तो महमूद ने कहा कि कई बार टीम क्षेत्र में आई है। जिले में अवैध खनन के सवाल पर ज्यादातर पट्टाधारकों का कहना था कि हरियाणा के माफिया यहां खनन कर रहे है।

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सहारनपुर के कुछ लोग भी उनसे मिले हैं, लेकिन राजनीतिक दवाब में पुलिस प्रशासन ने  माफिया पर कार्रवाई नहीं की। सीबीआइ टीम को स्टोनक्रेशर संचालकों ने बताया कि वह तो ठेकेदार से खनिज लेकर उसकी रोड़ी आदि बनाने का काम करतेकंै। टीम ने जिला खनन अधिकारी से भी पट्टाधारकों व स्टोन क्रेशर संचालकों के बारे में जानकारी हासिल की। टीम को बताया गया कि गुरुवार को एनजीटी में सहारनपुर खनन को लेकर सुनवाई है। 

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