सहारनपुर जेएनएन। दिल्ली में तोड़े गए संत शिरोमणि गुरु रविदास के मंदिर को पुन: बनाए जाने की मांग व भीम आर्मी भारत एकता मिशन के संस्थापक चंद्रशेखर एडवोकेट सहित अन्य पदाधिकारियों को रिहा किए जाने की मांग को लेकर भीम आर्मी ने प्रदर्शन किया।

शनिवार को भीम आर्मी भारत एकता मिशन के कार्यकर्ता मोहल्ला सराय में एकत्र हुए। यहां से जिला अध्यक्ष डा. रोहित राज गौतम के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे। यहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री दिल्ली व उप्र के नाम एसडीएम देवेंद्र पांडे को ज्ञापन दिया। इसमें कहा गया कि दिल्ली सरकार व केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर जनआंदोलन को दबाने के उद्देश्य से भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर आजाद व राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह सहित भीम आर्मी के 96 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन पर गंभीर धाराएं लगाई गई हैं जो निदनीय है। भीम आर्मी इसकी निदा करती है। इसके खिलाफ जेल भरो आंदोलन चलाया जाएगा। ज्ञापन में कहा कि दिल्ली में पुन: उसी जगह संत शिरोमणि रविदास जी का मंदिर बनाया जाए। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए लोगों को रिहा किया जाए। इस दौरान रामपुर विधानसभा अध्यक्ष भरत राज गौतम, नगर अध्यक्ष सुंदर लाल, राजेश मेनवाल, विनय, अविनाश, संजीव प्रधान, मोर सिंह, राहुल आंबेडकर, बीएमएस जिलाध्यक्ष प्रदीप चौधरी, जोगेंद्र मनानी, नवीन, रवि वर्मा, अभिषेक, प्रेम मुकंदपुर, बिट्टू, अजय, रोहित, सागर, मनीष, अंकित, अमन वाल्मीकि मौजूद रहे।

सतर्क रहा पुलिस प्रशासन

भीम आर्मी के प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। सीओ स्वयं थाने पर मौजूद रहे। वहीं, पुलिस बल मोहल्ला सराय में तैनात रहा।

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भीम आर्मी ने की गिरफ्तार संगठन नेताओं की रिहाई की मांग

जासं, बेहट: भीम आर्मी एकता मिशन ने शनिवार को जारी एक विज्ञप्ति में केंद्र की भाजपा सरकार पर आरोप लगाए हैं। संगठन का कहना है कि दिल्ली विकास प्राधिकरण ने रविदास मंदिर को तुड़वाया, जिससे पूरे देश के रविदास समाज में रोष है। समाज के लोग अपने संवैधानिक अधिकार के तहत शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। तभी बीजेपी सरकार ने प्रदर्शनकारियों के बीच अपने लोगों को भेजकर तोड़फोड़ शुरू करा दी। जबकि प्रचार करा दिया गया कि यह भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने किया। विज्ञप्ति में संगठन के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद व राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन के अलावा 94 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करने को भी सरकार की एक समाज के प्रति मानसिकता का परिचायक बताते हुए कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विज्ञप्ति में रविदास मंदिर को 10 दिन में पुनर्निर्माण कराने, भीम आर्मी प्रमुख व अन्य संगठन कार्यकर्ताओं को रिहा करने तथा मुकदमा वापस लेने की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय प्रवक्ता मनजीत नौटियाल पर लगाए गए राजद्रोह के मुकदमे को वापस लेने की मांग की है। विज्ञप्ति पर गौतम, विनोद गौतम, रजनीश नौटियाल, रवि लांबा, साबिर, देशराज आदि के हस्ताक्षर हैं।

राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

संस, देवबंद: भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद व राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह समेत 96 कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के विरोध में अनुसूचित जनजाति के लोगों ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।

शनिवार को भीम आर्मी के मंडल अध्यक्ष दीपक बौद्ध व विधानसभा अध्यक्ष शौर्य अंबेडकर के नेतृत्व में कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और एसडीएम राकेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में कहा गया कि दिल्ली तुगलकाबाद में संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर को तोड़े जाने के विरोध में 21 अगस्त को रामलीला मैदान में दलित समाज, रविदास समाज और संत समाज के लोगों ने संविधान के दायरे में भीम आर्मी एकता मिशन के नेतृत्व में शांतिपूर्ण जनांदोलन किया था, लेकिन केंद्र सरकार के इशारे पर दिल्ली सरकार ने आंदोलन को दबाने के लिए भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद व राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह समेत 96 कार्यकर्ताओं को गैर कानूनी रूप से गिरफ्तार कराया और उन पर गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किए। यह बेहद निदनीय है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ज्ञापन में संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर पुन: उसी स्थान पर बनवाए जाने और पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 96 कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा कर उन पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो पूरे देश में भीम आर्मी जनांदोलन चलाएगा। इस दौरान राहुल, नवनीत, पवन, सोमपाल, आशु, अविनाश आदि शामिल रहे।

Posted By: Jagran

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