सहारनपुर। योग से चीन वासियों के दिलों में भारतीय संस्कृति की छाप छोड़ने पर चीन ने योग गुरु पद्मश्री भारत भूषण को दो अंतर्राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया। सोमवार को भारत लौटने पर योग गुरु व उनकी पुत्री प्रतिष्ठा शर्मा का भव्य स्वागत किया गया।

सोमवार को सहारनपुर लौटे पद्मश्री योगी भारत भूषण व उनकी पुत्री नृत्यांगना प्रतिष्ठा शर्मा ने बताया कि चीन के ताइवान से सटे विंजोह शहर में योगाश्रम की शाखा शुरू की गई है। योग गुरु ने अपने अनुभव बताते हुए कहा कि योग के प्रति चीन के लोग कायल हो चुके हैं। अभी तक अमेरिका वहां पर मानसिक शांति के लिए पावर योगा, हाट योगा, विन्यास योगा आदि ब्रांड चला रहा था। उससे चीन के लोगों का ध्यान भंग हो चुका है। चीन के पुलियान योगा इंटरनेशनल क्लब ने योग गुरु को 'विश्व योग गुरु' व 'ग्लोबल जेम ऑफ योगा' जैसे अंतर्राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया। चीन में पहली बार किसी आध्यात्मिक हस्ती को यह सम्मान मिला है। जबकि भारतीय संस्कृति की पहचान कथक से चीन के लोगों को कायल बनाने वाली नृत्यांगना प्रतिष्ठा शर्मा को 'क्वीन ऑफ कथक योगा डांस' सम्मान से पुलियान योगा इंटरनेशनल क्लब की चेयरमैन चेन-फग्हुआ ने सम्मानित किया। कहा कि अब चीन में अब भारत योग के साथ ही डांस थेरेपी के रूप में फ्यूजन की इंडियन डांस कक्षाएं शुरू करेंगे। योगी भारत भूषण कहते हैं कि भारत सरकार द्वारा योग में पहली बार पद्मश्री सम्मान और चीन की धरती पर पहली बार किसी भारतीय को यह सम्मान मिलना किसी से कम नहीं है। योग के माध्यम से चीन के साथ बेहतर संबंध बन सकते हैं। स्वागत करने वालों में राष्ट्र वंदना मिशन के सचिव डा. चंदशील चोपड़ा, डा. अक्षत गुप्ता, डा. अनुराग मैनी, डा. अचला गुप्ता, आल इंडिया एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट के प्रदेशाध्यक्ष मनीष कालड़ा, प्रो. आदित्य राठी, महंत वासुदेव निर्मोही, महंत कौशलेंद्र स्वामी, मुकेश शर्मा, राघवन ए मेनन, रवि वर्मा, श्रवण सेठी व डीके बंसल आदि शामिल रहे।

चीन में योग का चीन में डंका बजाकर लौटे योगी पद्मश्री भारत भूषण का भव्य स्वागत किया गया। चीन

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