सहारनपुर, जेएनएन। प्रत्येक वर्ष सिद्धपीठ परिक्षेत्र में स्थित श्री शकंराचार्य आश्रम की ओर से माता शाकुम्भरी की जन्म जयंती के शुभ अवसर पर पिछले करीब दो दशक से भी अधिक समय से आश्रम प्रभारी सिद्ध भैरवतंत्राचार्य स्वामी सहजानंद जी महाराज के सानिध्य में 56 भोग एवं 36 व्यंजन अर्पित किए जाते हैं। शकंराचार्य आश्रम इस पर्व को बड़ी घूमधाम से मनाता है। लगभग एक सप्ताह पहले आश्रम की यज्ञशाला में शतचंडी महायज्ञ प्रारंभ हो जाता है, जिसे आचार्य सहित 21 वेदपाठी ब्राह्मण संपन्न कराते हैं। इस वर्ष भी यह आयोजन विगत वर्षों की भांति आयोजित किया गया। सोमवार पूर्णिमा तिथि को माता शाकुम्भरी जयंती के अवसर पर शतचंड़ी महायज्ञ की पूर्णाहुति की गई, जिसमें स्वामी सहजानंद के साथ ही राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल व सिद्धपीठ शाकुम्भरी देवी व्यवस्थापक राणा आदित्य प्रताप सिंह सम्मिलित हुए। इसके बाद पिछले करीब दो सप्ताह से बीकानेर राजस्थान से आए कारीगरों द्वारा तैयार किए गए 56 भोग व 36 व्यंजन माता को अर्पित किए गए। भोग के थाल सिर पर रखकर नाचते गाते मां के जयकारे लगाते संत और भक्त जब दरबार की ओर रवाना हुए तो सिद्धपीठ परिक्षेत्र में अलग ही नजारा बन रहा था। भक्तों के इस हुजूम के आगे स्वामी सहजानंद के साथ ही सिर पर मिष्ठान का थाल लिए राज्य मंत्री भी चल रहे थे। इस अवसर पर श्री शाकुम्भरी विश्वविद्यालय पुंवारका के वीसी प्रो. हृदय शंकर सिंह भी मौजूद रहे।

सहारनपुर के श्री राधा कृष्ण मंदिर में मां शाकम्भरी देवी प्राकट्य महोत्सव श्रद्धाभाव से मनाया गया। पुरानी अनाज मंडी स्थित मंदिर में मां जगदंबा कुटुम्ब एवं दिव्य ज्योतिष नक्षत्र दर्शन सेवा संस्थान द्वारा आयोजित महोत्सव में आचार्य प्रगीत कौशिक महाराज ने मां को 56 भोग एवं 36 व्यंजनों का भोग लगाया। नगर आयुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और मां का आशीर्वाद लिया। सतगुरू देव ने मां शाकंभरी देवी के प्राकटय एवं उनकी महिमा का वर्णन किया। इस दौरान पं.ललित कपिल, पं.अमित, पं.प्रणयन, पं.नितिन, श्रवण सिघल, रविद्र मित्तल, मुकेश मित्तल, संजय बंसल, संकेत गोयल, विशाल आदि मौजूद रहे।

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