रामपुर, जेएनएन। करीब 12 वर्ष पहले सीआरपीएफ के ग्रुप सेंटर पर आतंकी हमले के छह दोषी को शनिवार को सजा सुना दी गई है। आतंकी हमले में शामिल छह में से चार को फांसी की सजा सुनाई गई है। इनमें एक पाकिस्तानी हैं। आतंकी हमले में इमरान शहजाद, फारूख, सबाउददीन व शरीफ को फांसी की सजा सुनाई गई है जबकि जंग बहादुर को उम्र कैद की। एक अन्य दोषी फहीम को दस साल सजा सुनाई गई है।

रामपुर के अपर जिला जज संजय कुमार की अदालत ने छह दोषियों को सजा सुनाई है। इनको कड़ी सुरक्षा में आज कोर्ट में पेश किया गया था। सजा पर भी लंबी सुनवाई हुई। सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर, रामपुर पर आतंकी हमले के मुकदमे में तृतीय अपर जिला सत्र न्यायाधीश संजय कुमार की अदालत ने आठ में से छह को दोषी माना है। दोषियों में दो पाक नागरिक भी हैं। शुक्रवार को अदालत ने सजा पर फैसला नहीं सुनाया था। इसी मामले में दो अभियुक्तों पर आरोप सिद्ध न हो सकने के कारण अदालत ने इन्हें दोषमुक्त कर दिया।

सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर 31 दिसंबर 2007 की रात ढाई बजे आतंकियों ने हमला कर दिया था। आतंकी दिल्ली-लखनऊ मार्ग स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर के गेट नंबर एक से अंदर घुसे थे। यहां गेट से पहले रेलवे क्रॉसिंग भी है। आतंकियों ने गेट पर मौजूद जवानों पर गोलियां बरसाई और हैंड ग्रेनेड भी फेंके। इसके बाद आतंकी एके-47 से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाते हुए सीआरपीएफ केंद्र के परिसर में काफी अंदर तक चले गए थे। इस हमले में सीआरपीएफ के सात जवान शहीद हो गए थे। इसके अलावा गेट के बाहर अपने रिक्शा में सो रहे चालक की भी मौत हो गई थी। पुलिस ने हमले के आठ आरोपितों गुलाम कश्मीर का इमरान शहजाद, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का मुहम्मद फारुख, बिहार का सबाउद्दीन उर्फ सहाबुद्दीन, मुंबई गोरे गांव का फहीम अंसारी, उत्तर प्रदेश के जिला प्रतापगढ़ का मुहम्मद कौसर, जिला बरेली के थाना बहेड़ी का गुलाब खांं, मुरादाबाद के ग्राम मिलक कामरू का जंग बहादुर बाबा  और रामपुर का मुहम्मद शरीफ को 10 फरवरी 2008 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सुरक्षा के मद्देनजर इन्हें लखनऊ और बरेली की जेलों में बंद किया गया था।

मुकदमे में 38 की गवाही हुई, जबकि फहीम अंसारी पर अलग से चलाए गए फर्जी पासपोर्ट और पिस्टल बरामदगी मामले में भी 17 की गवाही हुई। 19 अक्टूबर को मुकदमे में बहस पूरी हो गई। शुक्रवार को अदालत ने फैसला सुनाया। शनिवार को अदालत ने इनकी सजा पर मुहर लगाई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमित सक्सेना ने बताया कि अदालत ने पाक नागरिक इमरान और मुहम्मद फारुख समेत बिहार के सबाउद्दीन सबा, रामपुर के शरीफ उर्फ सुहेल को फांसी की सजा सुनाई गई। मुरादाबाद में मूंढापांडे के जंग बहादुर को आजीवन कारावास और रामपुर के मुहम्मद शरीफ को दस साल की सजा सुनाई गई। सजा की सुनवाई के दौरान सुबह से ही कचहरी और कलेक्ट्रेट में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए थे। प्रवेश करने के लिए संघन जांच से गुजरना पड़ा। इसके अलावा बरेली के गुलाब खां और प्रतापगढ़ के कौसर खां को दोष मुक्त करा दिया। 

आतंकियों के मुकदमे वापस लेना चाहती थी अखिलेश सरकार

2012 में आतंकियों पर दर्ज मुकदमों की वापसी के लिए पत्राचार हुआ था। तत्कालीन सपा सरकार ने प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी । प्रशासन ने कोर्ट में ट्रायल चलने का हवाला देकर मुकदमा वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में कठिनाई बताई थी।

आतंकी हमले के दोषी एवं सजा 

1- दोषी: इमरान उर्फ अजय उर्फ असद उर्फ रमीज राजा उर्फ उबैद पुत्र मुहम्मद आजम 

निवासी : समानी, थाना चौक सदर, जनपद भिम्बर, गुलाम कश्मीर 

सजा : धारा 148, 149, 302, 307, 333, 121, 3 /4 लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 16,20 यूएपी एक्ट, 27 (3) शस्त्र अधिनियम में फांसी की सजा दी गई।

2- दोषी : मुहम्मद फारुख उर्फ अबू उर्फ जुल्फिकार नयन उर्फ अबू जार उर्फ अमर सिंह पुत्र बूटा पट्टी

निवासी : सांगढ़ीवाला, धौकल थाना सदर, जनपद गुन्जरावाला, पंजाब, पाकिस्तान 

सजा : धारा 148, 149, 302, 307, 333, 121, 3 /4 लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 16,20 यूएपी एक्ट, 27 (3) शस्त्र अधिनियम में फांसी की सजा दी गई।

3- दोषी : मुहम्मद शरीफ उर्फ सुहेल उर्फ साजिद उर्फ अली उर्फ अनवार उर्फ संजीव पुत्र अयूब

निवासी : बदनपुर, थाना खंजेरिया, जनपद रामपुर, उप्र 

सजा : धारा 148, 149, 302, 307, 333, 121, 3 /4 लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 16,20 यूएपी एक्ट, 27 (3) शस्त्र अधिनियम, 5 (बी) विस्फोटक पदार्थ अधिनियम में फांसी की सजा दी गई।

4- दोषी : सहाबुद्दीन उर्फ सबाउद्दीन उर्फ सबाह उर्फ संजीव उर्फ फरहा उर्फ सबा उर्फ अबू अल कासिम उर्फ बरार पुत्र शब्बीर अहमद उर्फ वकील अहमद उर्फ वकील साहब

निवासी :  गंधवार बायां पंडौल, थाना सकरी, जनपद मधबुनी, बिहार 

सजा : धारा 148, 149, 302, 307, 333, 121, 3 /4 लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 16,20 यूएपी एक्ट, 27 (3) शस्त्र अधिनियम में फांसी की सजा दी गई।

5- दोषी : बाबा उर्फ जंगबहादुर पुत्र खान बहादुर

निवासी : मिलक, कांगडू, थाना मूंढापांडे, जनपद मुरादाबाद, उप्र 

सजा : धारा 148, 149, 302, 307, 333, 121, 3 /4 लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 16,20 यूएपी एक्ट में आजीवन कारावास की सजा दी गई।

6- दोषी :  फहीम अरशद अंसारी पुत्र मुहम्मद युसूफ अंसारी 

निवासी : चाल नं. 330, समन 2409, मोतीलाल नगर नं 2, एमजी रोड, मुंबई, महाराष्ट्र

सजा : फहीम अंसारी को धारा 420, 467, 468, 471, 200 आइपीसी, 25 (1) (ए) शस्त्र अधिनियम में दस साल कैद की सजा दी गई।

दोषमुक्त आरोपित 

1- मुहम्मद कौसर पुत्र कमरुद्दीन 

निवासी : आजाद नगर थाना कुंडा, जनपद प्रतापगढ़, उप्र 

2- गुलाब खान पुत्र समशेर खान

निवासी : शाहगढ़, थाना बहेड़ी, जनपद बरेली, उप्र।

Posted By: Dharmendra Pandey

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