जागरण संवाददाता, रामपुर : जनपद में बारिश और ओलावृष्टि से इस बार फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा चीनी मिलों के द्वारा गन्ना मूल्य का भुगतान भी समय से नहीं किया जा रहा। गन्ना मूल्य भुगतान के लिए तो किसानों को हर साल अपने सारे जरूरी काम छोड़कर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ता है, तब जाकर मिलें गन्ना मूल्य का भुगतान करती हैं। इसके अलावा चावल का समर्थन मूल्य भी कम है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति काफी खराब चल रही है। फसलों के दाम बढ़ने चाहिएं। मौसम की मार झेल रहे किसानों को आम बजट से बड़ी उम्मीदें हैं। वे चाहते हैं कि फसलों का उचित मूल्य दिलाए और समय पर भुगतान कराए। किसानों को इस साल प्रकृतिक आपदा से बहुत नुकसान झेलना पड़ा है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों में बहुत नुकसान हुआ। चीनी मिलें समय से गन्ना मूल्या का भुगतान नहीं करती हैं। सरकार को बजट में ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि किसानों को बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा शीघ्र मिल सके और गन्ना मूल्य का भुगतान भी दो सप्ताह के अंदर होना चाहिए।

काशिफ खां, प्रवक्ता, जिला ग्राम प्रधान संगठन। गन्ना मूल्य का भुगतान चीनी मिलें समय से नहीं करती हैं, इससे किसानों को काफी दिक्कत होती है। गन्ना मूल्य का भुगतान जल्द से जल्द कराने के लिए प्राविधान किया जाए।

हसीब अहमद गन्ना मूल्य का समय से भुगतान न होने के कारण किसानों को ब्याज पर कर्ज लेकर घर का खर्च चलाना पड़ता है। चीनी मिलें समय से भुगतान करें, इसके लिए बजट में प्रावधान किया जाए।

हनीफ वारसी डीजल के दाम काफी बढ़ चुके हैं, ऐसे में फसलों को पालने में पहले से अधिक खर्च आ रहा है। किसानों के लिए डीजल सस्ता दिया जाए, जिससे फसलों को पालने में लागत कम हो सके।

परशुराम शर्मा बिजली की दरें काफी बढ़ गई हैं। गर्मियों में अगर सूखा पड़ता है तो सिचाई करने में काफी खर्च आता है, कई बार लागत तक नहीं निकल पाती। किसानों को कम रेट में बिजली उपलब्ध कराएं।

वीरेंद्र सिंह यादव धान की फसल के समय जब बारिश की आवश्यकता होती है तो बारिश नहीं होती, ऐसे में सिचाई पर अधिक खर्च आता है। कई बार लागत भी नहीं निकल पाती। फसलों का मूल्य बढ़ाया जाए।

नोमान खां इस बार बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है, इससे किसानों की कमर टूट गई है। गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ना चाहिए, जिससे किसानों को राहत मिले।

भूरे सिंह यादव

फसलों को पालने में किसानों को काफी रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इस पर कम लागत आए इसके लिए बिजली, डीजल, खाद, कृषि उपकरण के दाम कम किए जाने जरूरी हैं।

विक्रमजीत सिंह

Posted By: Jagran

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