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खतरे में नन्हीं जानें: ऑटो के पीछे लटककर स्कूल जाने को मजबूर बच्चे, प्रशासन बेखबर

Published: Mon, 21 Sep 2026 08:00 PM (IST)

स्वार में स्कूली बच्चे डग्गामार वाहनों में जोखिम भरा सफर कर रहे हैं, जहां ऑटो और ई-रिक्शा में क्षमता से ...और पढ़ें

आटो के पीछे लटककर जाते छात्र। जागरण

आटो के पीछे लटककर जाते छात्र। जागरण

HighLights

  1. आटो के पीछे खड़े होकर सफर करते दिखे स्कूली बच्चे, ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक थे सवार

संवाद सहयोगी, स्वार (रामपुर)। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के चलते छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिलाधिकारी की ओर से स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर सख्ती और निर्देश दिए जाने के बावजूद स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।

सोमवार को नगर स्थित माडर्न पब्लिक स्कूल के बच्चों को एक आटो के पीछे खड़े होकर सफर करते देखा गया। आटो की हालत भी खराब दिखाई दी। ऐसे में जरा सी चूक होने पर बड़ा हादसा हो सकता है।

नगर क्षेत्र में स्कूलों की छुट्टी और सुबह स्कूल खुलने के समय सड़क पर विद्यार्थियों की भीड़ दिखाई देती है। कई स्कूली बच्चे निर्धारित मानकों के विपरीत वाहनों से स्कूल पहुंच रहे हैं।

कहीं आटो में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जा रहा है तो कहीं ई-रिक्शा में बच्चों को भूसे की तरह भरकर ले जाया जाता है। इतना ही नहीं, नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूल-कालेजों में नाबालिग छात्र मोटरसाइकिल चलाकर पहुंचते हैं।

कई बार तेज रफ्तार में नाबालिगों को दोपहिया वाहन दौड़ाते हुए भी देखा जाता है। स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि विद्यार्थियों को स्कूल लाने और ले जाने वाले वाहनों की स्थिति, क्षमता और सुरक्षा मानकों की निगरानी करे।

इसके बावजूद स्कूलों के आसपास बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर पर्याप्त सतर्कता दिखाई नहीं दे रही है। व्यापारी नेता अनवर अली का कहना है कि बच्चों को स्कूल भेजने के बाद उनकी सुरक्षित वापसी की जिम्मेदारी भी स्कूल प्रबंधन की है।

ऐसे में वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने और नाबालिगों के दोपहिया वाहन चलाने पर रोक लगनी चाहिए। क्षेत्र में पहले भी स्कूली वाहनों और तेज रफ्तार के कारण हादसे हो चुके हैं।

इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन और संबंधित विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूलों के बाहर नियमित जांच अभियान चलाया जाए।

स्कूली वाहनों की फिटनेस, क्षमता, चालक के लाइसेंस और बच्चों की सुरक्षा के इंतजामों की जांच की जाए। साथ ही नाबालिग विद्यार्थियों के दोपहिया वाहन चलाने पर भी प्रभावी कार्रवाई की जाए।

माडर्न पब्लिक स्कूल के मैनेजर मुहम्मद याकूब अली ने बताया कि बच्चे अपने-अपने साधनों से स्कूल आते हैं। आटो और ई-रिक्शा संचालकों को निर्देशित किया जाएगा कि बच्चों को सुरक्षित तरीके से स्कूल लाएं और ले जाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक सतर्कता बरती जाएगी।

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