रामपुर : जौहर यूनिवर्सिटी का अधिग्रहण किए जाने को लेकर राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। यह कार्रवाई उन्होंने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम एवं कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष फैसल खां लाला के नेतृत्व में मिले पीड़ितों की शिकायत पर की है।

फैसल लाला ने बताया कि जौहर यूनिवर्सिटी के अधिग्रहण को लेकर आठ जुलाई को पीड़तों ने उनके साथ राज्यपाल राम नाईक से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में कहा गया था कि जौहर यूनिवर्सिटी को सरकार के पैसे से बनाया गया है। यहां पर सड़कों का जाल, गेस्ट हाउस, पंडाल, झील, पानी की टंकियां, बिजली घर, यहां तक कि पेड़ भी सरकार से प्राप्त धनराशि से लगाए गए हैं। यूनिवर्सिटी में 80 प्रतिशत जमीन सरकार और किसानों से कब्जाई गई है और 20 प्रतिशत जमीन को चंदे के पैसे से खरीदा गया है। इसके बावजूद वहां बच्चों से मोटी फीस वसूली जाती है, जिसकी कमाई जौहर ट्रस्ट को जाती है, जो कि आजम खां का निजी ट्रस्ट है। कहा कि जिस तरह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, जामिया और हैदराबाद यूनिवर्सिटी में मात्र तीन हजार में ग्रेजुएशन और पचास ह•ार में डॉक्टर और इंजिनियर की पढ़ाई हो जाती है। ठीक उस तरह अगर जौहर यूनिवर्सिटी का सरकार अधिग्रहण कर ले तो अल्पसंख्यक समुदाय को इसका सीधा फायदा पहुंचेगा। जौहर ट्रस्ट को भंग करते हुए जौहर यूनिवर्सिटी को अधिग्रहण करने की मांग इन लोगों ने की थी। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए राज्यपाल ने प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर इसको लेकर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

Posted By: Jagran

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