रामपुर, जेएनएन। एनजीटी के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को स्टे दे दिया है। एनजीटी ने नदी क्षेत्र में कराए गए जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण को हटाने के आदेश दिए थे। एनजीटी के आदेश के अनुपालन में उपजिलाधिकारी सदर प्रेम प्रकाश तिवारी ने यूनिवर्सिटी को निर्माण हटाने के लिए नोटिस भी जारी कर दिया था। 

यह है पूरा मामला

सपा सांसद आजम खां इस यूनिवर्सिटी के संस्थापक और कुलाधिपति हैं। सपा शासनकाल में यूनिवर्सिटी ने सरकार की मंजूरी से जमीन ली थी। तब इसे पर्ती भूमि बताया गया था, लेकिन पिछले दिनों प्रशासन ने जांच पड़ताल में पाया कि यह जमीन कोसी नदी क्षेत्र की है। इसपर प्रशासन ने थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया था। इस मामले में एनजीटी में भी याचिका दायर की गई थी। इसपर एनजीटी ने नदी क्षेत्र में निर्माण को हटाने के आदेश दिए थे। 

मुझे न्यायालय पर भरोसा

यूनिवर्सिटी के सीइओ अब्दुल्ला आजम ने बताया कि कोर्ट ने एनजीटी के आदेश पर स्टे दे दिया है। आजम खां के पूर्व पीआरओ अनवर मसूद के मुताबिक छजलैट थाने में भी आजम खां के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज हुआ था, इस मामले में हाईकोर्ट ने एक माह में जमानत कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि अदालती फैसलों पर आजम खां का कहना है कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है। उनके खिलाफ सियासी रंजिश में मुकदमे कराए गए हैं। 

 

Posted By: Narendra Kumar

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