जामा मस्जिद कमेटी ने किया ऐसे किसी ऐलान से इन्कार

जामा मस्जिद पर भीड़ जमा होने की सूचना से हड़कंप

जागरण संवाददाता, रामपुर : नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) का विरोध करने के लिए जामा मस्जिद पर मुस्लिम महिलाओं के इकट्ठा होने की सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस ने जानकारी की तो जामा मस्जिद कमेटी ने ऐसे किसी ऐलान से इन्कार कर दिया। बाद में पता चला कि कुछ मुस्लिम महिलाएं हाथों में पंफलेट लेकर आई थी, जिनपर लिखा था कि सीसीए, एनसीआर हमें नहीं चाहिए, बेगुनाहों की रिहाई दो, हम लेकर रहेंगे आजादी जैसे नारे लिखे हुए थे। यहीं नारे महिलाएं लगा रही थीं। इससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।

21 दिसंबर को सीएए के विरोध में लोग ईदगाह पर इकट्ठा हुए थे। पुलिस ने भीड़ को हाथीखाना चौराहे पर रोकने का प्रयास किया तो भीड़ हिसक हो गई थी। पुलिस के साथ मारपीट और पथराव किया था। पुलिस की जीप और छह बाइक फूंक दी थीं। बाद में पुलिस ने स्थिति काबू करते हुए हजारों के खिलाफ मुकदमे किए थे। 34 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उपद्रव में गिरफ्तार लोगों को बेकसूर बताते हुए छुड़ाने की मांग को लेकर उलमाओं ने डीएम और एसपी से मांग की थी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इस पर मंगलवार के बाद बुधबार को भी गिरफ्तार लोगों के परिवार की महिलाएं प्रदर्शन करती हुई जामा मस्जिद पहुंचीं थीं।

शहर कोतवाल राजकुमार शर्मा ने बताया कि इन महिलाओं द्वारा ही बुधवार को दोपहर तीन बजे जामा मस्जिद पर लोगों से एनआरसी के विरोध में इकट्ठा होने की अपील करते हुए प्रचार किया जा रहा है। जामा मस्जिद इबादत की जगह जामा मस्जिद कमेटी के सचिव मुकर्रम रजा ने साफ कर दिया है कि उनकी ओर से ऐसा कोई ऐलान नहीं किया गया है। कुछ लोग साजिश के तहत यह काम कर रहे हैं। जामा मस्जिद एक पाक जगह है। इबादत की जगह है। यह धरना प्रदर्शन की जगह नहीं है। जामा मस्जिद में धरना प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती है। कमेटी ने शहर के लोगों से अपील भी की है कि अमन ओ अमान कायम रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें।

Posted By: Jagran

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