रामपुर, जेएनएन। लोकसभा की कार्यवाही के दौरान भाजपा सांसद रमा देवी पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में सोमवार को माफी मांगने वाले समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खां के सामने अब नया बवाल खड़ा हो गया है। रामपुर में भू-माफिया घोषित आजम खां की मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर छापा मारकर सेंट्रल लाइब्रेरी से पुलिस ने दो हजार किताबें बरामद की हैं। ये किताबें मदरसा आलिया से चोरी की गईं थीं। इस दौरान कर्मचारियों और महिलाओं ने हंगामा किया। पुलिस ने चार कर्मचारियों को हिरासत में लिया है।

पुलिस अधीक्षक डॉ. अजय पाल शर्मा के अनुसार सूचना मिली थी कि मदरसा आलिया से चोरी की गईं किताबें यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में हैं। इस पर मंगलवार की दोपहर 10 गाडिय़ों से पुलिस कर्मी जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे और सेंट्रल लाइब्रेरी की तलाशी शुरू कर दी। 40 बंडल में दो हजार किताबें बरामद हो चुकी हैं। पांच अलमारी भी जब्त की गई हैं। रामपुर गजेटियर भी मिला है। किताबों पर मदरसा आलिया की मुहर लगी हैं। चोरी गई किताबों की सूची में जो नाम शामिल हैं, अधिकतर बरामद हुई हैं। इस मामले में मदरसा आलिया के प्रधानाचार्य जुबैर खां ने गत 16 जून को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जौहर यूनिवर्सिटी के चांसलर आजम खां हैं, इसलिए रिपोर्ट में उनका नाम भी आ सकता है। एसपी ने बताया कि छापे की कार्रवाई अभी जारी है।

लाइब्रेरी से किताबें लूटकर ले गई पुलिस : आजम

मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति और सांसद आजम खां ने कहा कि मंगलवार को हजारों पुलिसकर्मी यूनिवर्सिटी में बिना इजाजत घुस आए और लाइब्रेरी से किताबें लूटकर ले गए। यूनिवर्सिटी में पुलिस की कार्रवाई के बाद आजम की प्रतिक्रिया का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में आजम कहते दिख रहे हैं कि आज हजारों की तादात में पुलिस, पीएसी के जवान सेंट्रल लाइब्रेरी में घुस गए। अपने साथ दो बंडल लाए थे, न जाने कौन सी सामग्री थी, जो हमारे लिए फांसी का फंदा बन सके। फिर इन दोनों बंडलों को ले गए। एसपी साहब ने कहा कि यह कालेज से चुराई गई किताबें हैं। आजम बुद्धिजीवियों से अपील करते हुए कह रहे हैैं कि, आज हमारी बारी है, कल आपकी होगी। आज मैं पकड़ा गया हूं, कल आपके हाथ में हथकड़ी होगी। सवाल कठिन है, जवाब आपके पास है।

जौहर ट्रस्ट को लीज पर दी गई है मदरसे की इमारत

मदरसा आलिया की इमारत सपा शासनकाल में मौलाना मुहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के नाम लीज पर दी गई थी। ट्रस्ट के अध्यक्ष सांसद आजम खां हैं और यही ट्रस्ट जौहर यूनिवर्सिटी को चलाता है। आजम यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति भी हैं। मदरसा आलिया नवाबी दौर में दूर-दूर तक मशहूर था। इसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और तुर्की के छात्र भी पढ़ाने आते थे। बाद में इसका नाम राजकीय ओरियंटल कालेज हो गया था। वर्ष 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने इसे अरबी फारसी विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा की थी। इसके लिए शासन ने कमेटी भी बनाई थी, लेकिन, 2002 में सूबे में निजाम बदल गया। भाजपा के स्थान पर बसपा की सरकार बन गई और विश्वविद्यालय नहीं बन सका। बाद में सपा शासनकाल में इमारत की मरम्मत कराई गई। इसके बाद मदरसा चलाने के बजाय जौहर ट्रस्ट को लीज पर दे दिया गया। जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह के अनुसार रामपुर नवाब ने मर्जर एग्रीमेंट में यह तय किया था कि मदरसा आलिया की इमारत में हमेशा मदरसा चलेगा और सरकार इसके स्टाफ को वेतन देगी। इसे चलाने के लिए आर्थिक सहायता भी देती रहेगी।

लगातार करते रहे शिकायतें

तंजीम अवामे अहले सुन्नत के अध्यक्ष मौलाना मोहब्बे अली और मुहम्मद हुसैन साबरी मदरसे की इमारत को लीज पर दिए जाने पर शासन से लगातार शिकायतें भी करते रहे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप लगाते रहे कि कि 9333 किताबें, अलमारी, फर्नीचर व तमाम रिकॉर्ड चोरी कर यूनिवर्सिटी पहुंचा दिया गया। इसी साल जून में जिलाधिकारी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रधानाचार्य को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कहा था। इस पर इसकी रिपोर्ट हुई।

हमसफर रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाने की तैयारी

रामपुर जिला प्रशासन की अब सांसद आजम खां के हमसफर रिसॉर्ट पर भी बुलडोजर चलाने की तैयारी है। इसके लिए उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया है, जिसमें कहा है कि उन्होंने सिंचाई विभाग के नाले की एक हजार गज जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। जिला प्रशासन सांसद आजम खां पर शिकंजा कसता जा रहा है। पांच दिन पहले उनकी जौहर यूनिवर्सिटी के गेट को तोड़ने के आदेश किए थे। अब आजम का हमसफर रिसॉर्ट भी प्रशासन के निशाने पर आ गया है। डीएम आन्जनेय कुमार सिंह सिंह ने बताया कि हमसफर रिसॉर्ट में एक हजार गज जमीन पर कब्जा किया गया है।

यह जमीन पसियापुरा शुमाली से बड़कुसिया नाले की है। नाले पर कब्जे से पानी निकासी में दिक्कत हो रही है। सिंचाई विभाग की ओर से अवैध कब्जा हटाने के लिए नोटिस दिया गया है। अगर इसे नहीं हटाया तो बुलडोजर से तोड़ दिया जाएगा। रिसॉर्ट के पास ही पार्किंग के लिए भी अवैध कब्जा किया गया है। इसका मुकदमा एसडीएम की कोर्ट में चल रहा है।

एसआइटी को भेजी जांच रिपोर्ट

जिलाधिकारी ने बताया कि जौहर यूनिवर्सिटी, जौहर शोध संस्थान समेत कई बिंदुओं पर एसआइटी जांच चल रही है। इस मामले में प्रशासन ने जो जांच कराई थी। उसकी रिपोर्ट एसआइटी को भी उपलब्ध कराई गई है। जौहर यूनिवर्सिटी के अंदर 88 करोड़ रुपये सरकारी लगे हैं। इससे सड़कों, गेस्ट हाउस और टंकी आदि का निर्माण कराया गया है।

बिना अनुमति रजिस्ट्री करने की भी जांच

जिलाधिकारी का कहना है कि अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन डीएम की अनुमति के बिना नहीं खरीदी जा सकती। जौहर यूनिवर्सिटी के लिए अनुसूचित जाति के 16 लोगों की जमीन बिना अनुमति के खरीदी गई है। उस समय कर्मचारियों व अधिकारियों ने बिना अनुमति के ही रजिस्ट्री करा दी। इसकी भी जांच कराकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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