रामपुर : राज्य कर्मचारियों ने गुरुवार को अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। आंबेडकर पार्क में धरना देने के साथ ही कलक्ट्रेट तक जुलूस निकाला। जमकर नारेबाजी करने के बाद मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद और संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के बैनर तले जिलेभर के राज्य कर्मचारी, संविदा कर्मी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा आंबेडकर पार्क में जमा हुए। नारेबाजी करने के साथ ही यहां धरने पर बैठ गए। कुछ देर धरना देने के बाद जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचे। इस मौके पर संयुक्त परिषद एवं संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के जिला अध्यक्ष भीम अनार्य ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग 18 साल से की जा रही है। सरकार इसे मानने को तैयार नहीं है। 17 लाख कर्मचारी-शिक्षकों के परिवार से यह मांग जुड़ी है। कोरोना आपदा काल में शिक्षकों व कर्मचारियों के अतुलनीय सहयोग, त्याग व डयूटी निभाने के प्रतिफल में दशकों से मिल रहे अन्य भत्तों को भी सरकार ने समाप्त कर दिया। उन पर भी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। वेतन विसंगति के मामलों पर भी कोई निर्णय मार्च 2018 से नहीं लिया गया है। इस तरह कर्मचारी हित की तमाम मांगों की सरकार के स्तर से अनदेखी की जा रही है। इनको लेकर कर्मचारियों को एकजुट होकर संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के बैनर तले आंदोलन करना पड़ा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष भीम अनार्य, संयोजक कैलाश बाबू पटेल के अलावा जिला मंत्री पंडित राम बाबू शर्मा, संजीव तोमर, मिथलेश चौधरी, चरण सिंह, कांति गंगवार, अंकुर रस्तोगी, कृष्ण कुमार, राहुल राज, दिलशाद अली, प्रेम प्रकाश, सिमरत सिंह गिल, विक्रम भारती, मथुरा प्रसाद व गुलाम आमिर खां इत्यादि प्रमुख पदाधिकारी व कर्मचारी खासी संख्या में मौजूद रहे।

-------------------------------------------- राज्य कर्मी घोषित करने की मांग उठाई जासं, रामपुर: संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के बैनर तले राज्य कर्मचारियों ने जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर जिन 16 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन दिया है। उनमें आंगनबाडी कार्यकर्ताओं व अन्य संविदा कर्मियों ने मानदेय बढ़ाने व राज्य कर्मी घोषित करने की मांग भी उठाई है। मुख्य सेविकाओं, आशा संगनियों, लिपिकों, संविदा कर्मियों, दैनिक वेतन भोगियों, विभिन्न विभागों में कार्यरत होम गार्ड, पीआरडी जवानों, रोजगार सेवकों, मनरेगा कर्मियों, आंगनबाडी कार्यकर्ताओं,सहायिकाओं और निकायों व चिकित्सा विभाग के संविदा कर्मचारियों ने मानदेय बढ़ाने व राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग की है। इन कर्मियों का कहना है कि उनकी ये मांगें काफी समय से उठ रहीं हैं लेकिन सरकार के स्तर से सुनवाई नहीं की जा रही है। इससे उनमें रोष व्याप्त है।

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