रामपुरी खां साहब के साथ ही उनके चेले भी मुसीबत में हैं। खां साहब तो पांच महीने पहले कोर्ट में हाजिर होने के बाद जेल चले गए। उनकी बेगम और साहबजादे भी उनके साथ जेल में हैं। लेकिन, खां साहब के कई करीबी आज भी जेल से बाहर हैं। अदालत से अब इनकी कुर्की के नोटिस जारी हो चुके हैं। वर्दी वालों ने इनके मुहल्लों में डुग्गी भी पिटवा दी है। चर्चा है कि अब ये समर्पण करना चाहते हैं, लेकिन वर्दी वाले गिरफ्तार करने की फिराक में लगे हैं। तीन दिन पहले खां साहब के एक करीबी के समर्पण करने की भनक मिलते ही वर्दी वाले एक्टिव हो गए। कचहरी के चारों ओर जाल बिछा दिया। कचहरी की ओर जाने जाने वाले लोगों की तलाशी ली गई। ऐसे हालात में खां साहब के चेलों को चिता सता रही है कि अगर वर्दी वाले दबोच लेंगे तो अपने हिसाब से पूछताछ करेंगे। और छोड़ दिया दामन

रामपुरी खां साहब पिछले 40 साल से अपने शहर की सियासत में छाए रहे। भले ही वह जेल में बंद हैं, कितु आज भी सांसद हैं और उनकी बेगम एमएलए। लेकिन, अब हालात बहुत बदले हुए हैं। एक दौर था जब खां साहब के दरवाजे पर उनसे मिलने वालों की भीड़ लगी रहती थी। लोग उनकी पार्टी में शामिल होना चाहते थे। कई बार तो खां साहब लोगों को दुत्कार देते थे। कई सभासद तो उनके कट्टर समर्थक थे। पिछले साल लोकसभा चुनाव से पहले एक सभासद ने तो माइक से कह दिया था कि खां साहब की ओर हाथ उठाने वाले अफसरों के हाथ काट दिए जाएंगे। लेकिन, अब सभासद भी खां साहब का दामन छोड़ रहे हैं। नवाब खानदान की ओर रुख कर रहे हैं। चार सभासदों ने महल में एंट्री भी कर ली है। एक और नेताजी भी खां साहब को छोड़ महल में पहुंच गए । साहब ने मचा दिया धमाल

स्वार तहसील में तैनात किए गए साहब ने चंद रोज में ही धमाल मचा दिया है। उन्होंने सदर तहसील में तैनाती के दौरान रामपुरी खां साहब पर शिकंजा कसा था। उनकी यूनिवर्सिटी की दीवारों पर बुलडोजर चलवा दिया था। यूनिवर्सिटी की इमारते भी सील कर दी थीं। खां साहब के रिसोर्ट की दीवार भी तोड़ दी थी। साहब ने स्वार में भी कार्यभार ग्रहण करते ही धूम मचा दी है। कई घपलेबाज प्रधानों और ग्राम पंचायत अधिकारियों पर शिकंजा कस दिया है। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। फर्जीवाड़ा करने वाली फर्मों पर भी रिपोर्ट दर्ज कराई है। इससे घपलेबाजों में हड़कंप मचा है। साहब ने गरीबों का राशन हड़पने वाले 50 लोगों पर भी रिपोर्ट करा दी है। इसमें भी ग्राम पंचायत अधिकारी फंस गए हैं। अब वे भी परेशान हैं। साहब के शिकंजे से बचने के लिए जोड़तोड़ करनें में लगे हैं। लेकिन, बात नहीं बन पा रही है। फिर भी नहीं हुआ समाधान

नवाबों के महल के सामने जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हो सका। बारिश पड़ते ही सड़क पर पानी खड़ा हो जाता है। महल के अंदर भी घुस जाता था। इसके लिए पहले तो आसपास की नालियों की सफाई कराई, लेकिन बात नहीं बनी। इस पर महल के गेट के आसपास फर्श को दो फीट ऊंचा करा दिया गया। अब बारिश होने पर महल के अंदर पानी नहीं जा पाता है। लेकिन, समस्या अब भी बरकरार है। ज्यादा बारिश होने पर महल के सामने सड़क पर पानी भर जाता है। पहले कलेक्ट्रेट के सामने भी इसी तरह पानी भर जाता था। लेकिन यहां आसपास के तमाम नाले और नालियों की सफाई कराई गई। अतिक्रमण भी हटाया गया तो जलभराव कम हो गया है। हालांकि यहां भी समस्या का समाधान पूरी तरह नहीं हो सका है। ज्यादा बारिश में पानी सड़क पर भर रहा है। इससे लोग परेशान हो जाते हैं।

Posted By: Jagran

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