जागरण संवाददाता, रामपुर : अदालत ने नौ साल पहले हरैटा गांव के पूर्व प्रधान की दिनदहाड़े हत्या में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वारदात 12 जुलाई 2011 को थाना अजीमनगर क्षेत्र के हरैटा गांव में हुई थी। घटना के दिन राशन वितरण की शिकायत की जांच करने अधिकारियों की एक टीम सरकारी स्कूल में आई थी। यहां प्रधान और पूर्व प्रधान पक्ष के बीच झगड़ा हो गया था। प्रधान पक्ष ने पूर्व प्रधान जमीर अहमद की चाकू से गला काटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने जमीर के बेटे जावेद की ओर से अफसर अली, उनके बेटों फिरासत अली, इल्यास, इस्लाम, रेहान और सहादत के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। घटना के समय फिरासत प्रधानपति था। जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। अभियोजन ने 10 गवाह पेश किए। गवाहों के बयान के आधार पर सभी को कड़ी सजा देने की मांग की। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता श्रीराम अग्रवाल और सचिन अग्रवाल ने पैरवी की। उनका कहना था कि चुनाव की रंजिश में सभी को झूठा फंसाया गया है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 23 अक्टूबर को मुकदमे में इस्लाम और रेहान को हत्या में दोषी माना था। गुरुवार को अदालत ने फैसला सुनाया, जिसमें इस्लाम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। बचाव पक्ष की ओर से रेहान के मामले में प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें कहा कि वह घटना के समय नाबालिग था। इस पर अदालत ने उसकी उम्र के संबंध में जांच कराने के आदेश दिए हैं। अदालत ने अफसर अली, फिरासत अली, इस्लाम और सहादत को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कुमार सौरभ का कहना है कि अदालत के आदेश का अध्ययन करने के बाद हाईकोर्ट में अपील करेंगे।

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