जागरण संवाददाता, मिलक : क्षेत्र में पांच दिन पहले अपहृत छात्र की तालाब में लाश मिली है। हत्या करने वाला उसका ही दोस्त निकला। हालांकि पुलिस ने उसे भी पकड़ लिया। हत्यारोपित ने पुलिस पर गोली भी चलाई। जवाब में पुलिस ने फायरिग की। पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया। दोस्त द्वारा छात्र की हत्या का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

मिलक क्षेत्र के रामनगर गांव निवासी भगवत शरण गंगवार का इकलौता बेटा 16 वर्षीय पवन कुमार नगर के श्री जानकी इंटर कॉलेज में कक्षा 12 में पढ़ता था। भगवत शरण अपने पुत्र व पत्नी मीरा देवी के साथ नगर के मोहल्ला साहू जी नगर में रह रहते थे। उनके मकान में जिला बरेली के थाना मीरगंज के जौनियर गांव निवासी विनय शर्मा भी किराये पर रहता था। उनके बेटे की किरायेदार से घनिष्ठ मित्रता थी। दोनों साथ घूमते व खाते पीते थे। शुक्रवार को भी दोनों दोस्त साथ में घर से निकले थे। देर शाम को किरायेदार तो वापस आ गया, लेकिन उनका बेटा नहीं लौटा। परिजनों ने किरायेदार से उसके बारे में पूछा तो उसने बताया कि पवन बिलासपुर किसी से मिलने के लिए गया है। उसी रात पौने नौ बजे भगवत शरण के मोबाइल पर एक फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने उनसे कहा कि उनके पुत्र का अपहरण कर लिया गया है। फिरौती के रूप में 15 लाख रुपये दे दो, नहीं तो बेटे को जान से मार देंगे। इतना सुनते ही भगवत शरण गंगवार के होश उड़ गए। आननफानन में वह कोतवाली पहुंचे और पुलिस को तहरीर दी। इसके बाद विनय शर्मा रात में कमरे से फरार हो गया। अगले दिन शनिवार को सुबह साढ़े सात बजे अपहरणकर्ता का दोबारा फोन आया, जिसमें उसने कहा कि तुमने पुलिस को बता कर अच्छा नहीं किया। अब भी समय से पैसे दे दो तो तुम्हारे पुत्र को जिदा छोड़ देंगे। पुलिस ने भगवत शरण की तहरीर पर अज्ञात अपहरणकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ करनी शुरू कर दी।

एएसपी अरुण कुमार सिंह ने मीडिया को बताया कि मिलक पटवाई मार्ग पर मंगलवार रात एक बजे पुलिस टीम गश्त कर रही थी। मार्ग किनारे खड़ा एक युवक पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने जब युवक का पीछा करने का प्रयास किया तो उसने पुलिस पर फायरिग कर दी। जवाबी फायरिग में युवक के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने जब उससे पूछा तो वह गुमराह करने का प्रयास करने लगा। सख्ती से पूछताछ करने पर युवक ने बताया कि उसका नाम विनय शर्मा है और वह भगवतशरण के मकान में किराए पर रहता था। उसने शुक्रवार की रात भगवतशरण के पुत्र पवन की गला दबाकर हत्या कर उसका शव तालाब में फेंक दिया था। शव को कुत्तों ने खाया कि नहीं यह देखने के लिए वह आया था। पुलिस आरोपी की निशानदेही पर तालाब पर पहुंची। मार्ग के समीप एक तालाब में युवक का शव पड़ा हुआ था, जिसे बाहर निकलवाया गया। सूचना पर परिजन आ गए और शव की शिनाख्त की। पुलिस घायल हत्यारोपित को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले आई। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हत्या में शामिल हो सकते हैं और भी आरोपित

छात्र की हत्या में भले ही पुलिस ने उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अपहरण से लेकर हत्या में सिर्फ एक व्यक्ति के शामिल होने की बात किसी के गले नहीं उतर रही। माना जा रहा है कि इसमें विनय के साथ और भी लोग शामिल हो सकते हैं। कोतवाल बृजेश कुमार यादव ने बताया कि एक व्यक्ति द्वारा पवन की गला दबाकर हत्या करने की बात संदिग्ध लग रही है। यदि इसमें और लोग शामिल होंगे तो उन्हें भी पकड़ा जाएगा। अभी मुकदमे की विवेचना चल रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी काफी कुछ पता चलेगा। घायल हत्यारोपित से भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस मृतक के परिजनों को कर रही परेशान

छात्र के अपहरण और हत्या की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को पांच दिन का समय लग गया। दरअसल, पुलिस शुरू से गलत लाइन पर चल रही थी। पुलिस अपहरण की वजह प्रेम प्रसंग मानकर चल रही थी। इसके लिए उसने छात्र समेत उनके कुछ रिश्तेदारों के नंबर सर्विलांस पर लगाए थे। मृतक के पिता ने बताया कि उनका पुत्र अपने मामा की साली जो कक्षा 10 में पढ़ती है, उससे फोन पर बात करता था। पुलिस उनके रिश्तेदारों को बेवजह परेशान कर रही है और उन्हें पकड़कर जेल भेज रही है। कोतवाल बृजेश कुमार यादव ने बताया कि इस मामले में पूर्व में जो संदिग्ध हिरासत में लिए गए थे, उनसे अभी भी पूछताछ जारी है। किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा।

Posted By: Jagran

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