रामपुर में RDA की बड़ी कार्रवाई: अवैध शाहजमाली मैरिज हॉल सील; बिना नक्शा पास निर्माण पर प्रशासन सख्त
रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने अवैध रूप से संचालित शाहजमाली मैरिज हॉल को सील कर दिया, जो बिना आवश्यक स्वीकृति ...और पढ़ें

नैनीताल रोड स्थित मैरिज हाल को सील करती आरडीए की टीम। जागरण
HighLights
बिलासपुर गेट के समीप संचालित है सील किया हुआ भवन
जागरण संवाददाता, रामपुर। रामपुर विकास प्राधिकरण आरडीए टीम की कार्रवाई दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रही। टीम के द्वारा सोमवार से अवैध निर्माण और भूमि उपयोग परिवर्तन के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत मंगलवार को शाहजमाली नाम से क्षेत्र में संचालित मैरिज हॉल का निर्माण अवैध बताते हुए उस पर सील लगा दी।
यह कार्रवाई लंबे समय से लंबित आदेश के अनुपालन में की गई। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर भवन को सील लगाई।
प्राधिकरण के सहायक अभियंता मनोज कुमार शिशौदिया ने बताया कि फरीद खां और मुतहिर खां द्वारा लगभग 4600 वर्गमीटर क्षेत्रफल में स्थित एक पुरानी फैक्ट्री को ध्वस्त कर उसके स्थान पर करीब 1460 वर्गमीटर क्षेत्र में बिना आवश्यक स्वीकृति के शाहजमाली मैरिज हॉल का संचालन किया जा रहा था।

बिलासपुर गेट के समीप संचालित यह मैरिज हाल आरडीए की जांच में भूमि उपयोग और निर्माण संबंधी नियमों के उल्लंघन का पाया गया। इसकी पुष्टि होने पर प्राधिकरण ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया था। सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तत्कालीन सचिव द्वारा भवन को सील करने के आदेश पारित किए गए थे।
इस आदेश के अनुपालन के लिए डीएम और एसपी से मजिस्ट्रेट तथा पुलिस बल उपलब्ध कराया गया। इसके बाद मंगलवार को संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंच कर कार्रवाई करते हुए मैरिज हॉल को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात रहा। इससे खलबली मची रही।
कार्रवाई में विशेष कार्याधिकारी कुमार संजय, तहसीलदार रणवीर सिंह, सहायक अभियंता मनोज कुमार शिशौदिया, अवर अभियंता रविशंकर, प्रशांत कुमार और ओम प्रकाश मालवीय तथा थाना गंज पुलिस मौजूद रही।
सहायक अभियंता ने बताया कि शहर में अवैध निर्माण, भूखंडीय विकास और नियमों के विपरीत संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भवन या भूखंड को खरीदने से पहले उसकी वैधता, स्वीकृत ले-आउट और मानचित्र की जानकारी प्राधिकरण से अवश्य प्राप्त कर लें। बिना स्वीकृति विकसित की गई कालोनियों अथवा अनधिकृत निर्माण वाले भूखंडों की खरीद से आर्थिक नुकसान और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
