रामपुर में चलता था गोकशी का खेल, स्कॉर्पियो से आते थे मुरादाबाद-अमरोहा के बदमाश; पुलिस ने मुठभेड़ के बाद 3 को दबोचा
रामपुर पुलिस ने सैफनी क्षेत्र में गोकशी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। मुठभेड़ के बाद अमरोहा और ...और पढ़ें

रामपुर में पकड़े गए बदमाश।
HighLights
पुलिस ने गोकशी गिरोह के तीन बदमाशों को पकड़ा।
मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी।
स्कॉर्पियो से गोवंश ले जाते थे बदमाश।
संवाद सूत्र, सैफनी (रामपुर)। थाना सैफनी क्षेत्र में गोवंशीय पशुओं के अवशेष मिलने की घटना का पुलिस ने राजफाश कर दिया है। स्थानीय लोगों की मदद से अमरोहा और मुरादाबाद के बदमाश स्कॉर्पियो से यहां आकर गोवंशीय पशुओं को मारकर उनका मांस ले जाते थे। अवशेष खेतों में दबा देते थे। मंगलवार रात स्कॉर्पियो गाड़ी से गोवंश लेकर जाते समय बदमाशों का सामना पुलिस से हो गया। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीन बदमाशों को पकड़ लिया, जिसमें दो पुलिस की गोली पैर में लगने से घायल हो गए। बदमाशों की एक गोली पुलिस की गाड़ी पर भी लगी।
18 जुलाई को सैफनी के बिचपुरी लालजी गांव के जंगल में ग्रामीणों को खेत में दबे पशुओं के अवशेष मिले थे। इनमें कुछ अवशेष पुराने थे, जबकि कुछ ताजे थे। इस पर हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने नाराजगी जताई थी। पुलिस ने गौ रक्षा सेवा समिति के जिलाध्यक्ष सुंदर लाल की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार रात ग्राम खरसौल से नौसना रोड पर पुलिस को चेकिंग के दौरान एक स्कॉर्पियो आती दिखाई दी। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो स्कॉर्पियो में सवार बदमाशों ने तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की एक गोली थाना प्रभारी सैफनी पंकज पंत की सरकारी गाड़ी के बायीं ओर खिड़की से नीचे लगी। पुलिस ने पीछा किया। स्कॉर्पियो कच्चे रास्ते पर फंस गई।
बदमाश निकलकर पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने लगे। पुलिस ने जवाब में गोली चलाई, जिससे दो बदमाश घायल हो गए। घायल बदमाशों में जिला मुरादाबाद के थाना मैनाठेर के ग्राम फतेहपुर खास का नाजिम और सैफनी के ग्राम सागरपुर का जावेद हैं। दोनों 24 से 25 साल के हैं। दोनों के पैर में गोली लगी है। इनके एक अन्य साथी अमरोहा के थाना डिडौली के ग्राम नीलीखेड़ी के मोहम्मद सुहेल को भी पुलिस ने पकड़ लिया।
घायल बदमाशों को पहले सीएचसी शाहबाद और फिर जिला अस्पताल भर्ती कराया गया। पुलिस को स्कॉर्पियो में गोवंशीय पशु भी मिला। साथ ही बदमाशों के पास से तीन तमंचे भी बरामद हुए। पूछताछ में नाजिम ने बताया कि उसका पूरा गिरोह है। गिरोह की मदद से मुरादाबाद से स्कॉर्पियो लेकर यहां आता है।
जंगल में घूमने वाले बेसहारा गोवंशीय पशु पकड़ता है और उनको मारकर उनका मांस बेचने के लिए ले जाता है। जावेद उसका रिश्तेदार है। गोवंशीय पशुओं को पकड़ने में जावेद के अलावा सैफनी के ही ललवारा गांव का कासिम, बड़ा गांव के सलीम, शब्बू और बिचपुरी लालजी गांव का गजराम उर्फ टीटू मदद करते हैं। इनके द्वारा 13 जुलाई, 15 जुलाई और 18 जुलाई को यहां आकर गोवंशीय पशुओं को मारकर उनके अवशेष दबाए थे।
