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माता बाल सुंदरी मंदिर: प्रशासन ने नहीं सुनी महंत की पुकार, शनिवार की भीड़ से पहले युवाओं ने खुद सुधारा रास्ता

Published: Thu, 03 Sep 2026 05:58 PM (IST)

मिलक खानम में माता बाल सुंदरी मंदिर तक जाने वाला कच्चा रास्ता बारिश से खराब हो गया है, जिससे श्रद्धालुओं ...और पढ़ें

मिलकखानम स्थित पीपली मंदिर को जाने वाले मार्ग से कीचड़ हटाते श्रद्धालु। जागरण

मिलकखानम स्थित पीपली मंदिर को जाने वाले मार्ग से कीचड़ हटाते श्रद्धालु। जागरण

HighLights

  1. रक्षाबंधन पर डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे दरबार, शनिवार को फिर उमड़ेगी भीड़

संवाद सहयोगी, स्वार (रामपुर)। मिलक खानम के पीपली वन में स्थित पौराणिक सिद्धपीठ माता बाल सुंदरी मंदिर तक पहुंचने वाला कच्चा रास्ता लगातार बारिश के चलते बेहद खराब हो गया है। जगह-जगह कीचड़ और जलभराव होने से श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मंदिर में प्रत्येक शनिवार को मेला और भंडारे का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके बावजूद मंदिर तक जाने वाले रास्ते की हालत में सुधार नहीं होने से श्रद्धालुओं में नाराजगी है।

पिछले शनिवार को रक्षाबंधन के अवसर पर माता बाल सुंदरी के दरबार में डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावा किया गया। रास्ता खराब होने के बावजूद श्रद्धालु पैदल ही कीचड़ भरे रास्ते से होकर मंदिर पहुंचे और माता रानी के दर्शन किए।

लगातार बारिश के कारण अब रास्ते की स्थिति और खराब हो गई है। दो दिन बाद शनिवार को फिर हजारों श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना है, लेकिन अभी तक रास्ते को दुरुस्त नहीं कराया गया है।

मंदिर के महंत अरुण भारती महाराज ने बताया कि कई दिनों से हो रही बारिश के कारण मंदिर तक आने-जाने वाला रास्ता पूरी तरह खराब हो गया है।

रास्ते की समस्या को लेकर मंत्रियों, जिलाधिकारी और एसडीएम समेत अधिकारियों को कई बार फोन कर अवगत कराया जा चुका है। पिछले माह जिलाधिकारी रामपुर को भी लिखित प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

महंत ने बताया कि पीपली वन क्षेत्र में कई मजार भी हैं। यहां मुस्लिम समुदाय के लोग भी अपनी मजारों पर बड़ी संख्या में आते हैं। ऐसे में यह रास्ता किसी एक समुदाय के लिए नहीं, बल्कि सभी धर्मों के लोगों की सुविधा से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने सभी धर्म और समुदाय के लोगों से रास्ते की समस्या को लेकर आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में योगी सरकार होने के बावजूद पौराणिक मंदिर तक पहुंचने वाले रास्ते की इतनी खराब स्थिति चिंता का विषय है।

बरसात में श्रद्धालुओं को काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने जिलाधिकारी और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द रास्ते को पक्का अथवा सुगम कराने की मांग की, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो।

युवाओं ने संभाली रास्ता सुधारने की जिम्मेदारी

प्रशासन की ओर से अब तक रास्ता ठीक नहीं होने पर क्षेत्र के युवा समाजसेवी अमन राजपूत के नेतृत्व में सैकड़ों युवाओं ने गुरुवार सुबह रास्ता सुधारने का कार्य शुरू कर दिया।

स्थानीय युवाओं ने श्रमदान कर रास्ते पर पड़े कीचड़ और गड्ढों को ठीक करने का प्रयास किया, ताकि शनिवार को आने वाले श्रद्धालुओं को कुछ राहत मिल सके। युवाओं के इस प्रयास की मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं ने सराहना की।

इस दौरान विकल राणा, रोहित राणा, नरेश राजपूत, गोलू मरदान, देवेंद्र कुमार, मंगत कंबोज, अशोक कुमार, रवि राणा, नितिन कुमार, गोपी, कमल, चंद्रपाल कोली समेत काफी संख्या में श्रद्धालु और युवा मौजूद रहे।

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