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मुंह में 82 ग्राम सोने के कैप्सूल छिपाकर ले जा रहा था रामपुर का युवक, बेंगलुरु एयरपोर्ट पर दबोचा

Published: Thu, 27 Aug 2026 09:37 PM (IST)

रामपुर के टांडा निवासी एक युवक को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर दुबई से तस्करी कर लाए गए सोने के साथ पकड़ा गया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. टांडा का युवक बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सोने के साथ पकड़ा गया।

  2. दुबई से 82 ग्राम सोने के दो कैप्सूल मुंह में छिपाकर लाया।

  3. सोने की तस्करी में गरीब युवकों का इस्तेमाल, मास्टरमाइंड फरार।

संवाद सहयोगी, रामपुर। टांडा क्षेत्र के सोना तस्कर फिर सक्रिय हो गए हैं। दुबई से सोना तस्करी का खेल शुरू कर दिया है। बुधवार को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर कस्टम टीम ने टांडा के मुहल्ला मस्जिद कोहना निवासी सिराज को दो गोल्ड कैप्सूल के साथ पकड़ लिया। इनक वजन 82 ग्राम है। वह इन कैप्सूल को मुंह में छिपाकर ला रहा था।

संदेह होने पर कस्टम के अधिकारियों ने उसके मुंह से दो कैप्सूल बरामद किए। युवक के पकड़े जाने से सोने की तस्करी कराने वाले नेटवर्क में खलबली मच गई। वहीं चर्चा चर्चा है कि उसके साथ गए तीन अन्य साथी निकलने में कामयाब हो गए हैं। सोने की तस्करी के इस खेल में विदेश से सोना लाने के लिए युवकों को लालच देकर कैरियर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

कार्रवाई होने पर सबसे पहले यही युवक गिरफ्त में आते हैं, जबकि नेटवर्क को संचालित करने वाले मास्टर माइंड अक्सर पर्दे के पीछे रह जाते हैं। तस्करी का पूरा खेल कमीशन और लालच के सहारे गरीब या जरूरतमंद युवकों को विदेश भेजकर चलाया जाता है।

दुबई और भारत में सोने के दाम में अंतर तस्करों के लिए मुनाफे का आधार बना हुआ है। मौजूदा समय में दुबई में दस ग्राम सोने की कीमत करीब 1.44 लाख रुपये है जबकि भारत में करीब 1.60 लाख रुपये हैं। यानी दुबई से 100 ग्राम सोना लाने पर एक लाख 60 हजार रुपये का अंतर है।

यात्रा और अन्य खर्च निकालने के बाद तस्करी करने वाले करीब एक लाख रुपये तक बचाने में कामयाब हो जाते हैं। तस्करी में सोने को कैप्सूल के रूप में तैयार कर पेट में या मुंह में छिपाकर लाने का तरीका अपनाया जाता है।

फ्लाइट उतरने से पहले नेटवर्क से जुड़ा व्यक्ति एयरपोर्ट पर मौजूद रहकर आगे की व्यवस्था संभालता है। पहले तस्करों की नजर दिल्ली एयरपोर्ट पर थी, लेकिन सख्ती बढ़ने के बाद मुंबई और अब हैदराबाद व बेंगलुरु एयरपोर्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है।

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