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'नमस्ते DM अंकल, पक्का पुल बनवा दो!' नदी के पानी में खड़े स्कूली बच्चों का वीडियो वायरल, मचा हड़कंप

Published: Sat, 22 Aug 2026 09:44 AM (IST)

'नमस्ते DM अंकल...' रामपुर की घूघा नदी में उतरकर स्कूली बच्चों ने पक्के पुल के लिए गुहार लगाई। वीडियो वायरल ...और पढ़ें

HighLights

  1. डीएम ने नायब तहसीलदार को मौके पर भेजकर कराई जांच

संवाद सहयोगी, स्वार (रामपुर)। नमस्ते, डीएम अंकल! स्कूल जाने के लिए रास्ते में पड़ने वाली नदी पार करने से हमारे कपड़े खराब हो जाते हैं। हमारे लिए पक्का पुल बनवा दें। घूघा नदी के पानी में खड़े होकर स्कूल के बच्चों का वीडियो प्रसारित होते ही खलबली मच गई। डीएम ने तहसीलदार को तत्काल मौके पर भेजकर जांच कराई। इससे ग्रामीणों में पक्का पुल बनने की आस जगी है।

रुस्तमनगर निकट रायपुर गांव से आसपास के गांवों को जोड़ने के लिए घूघा नदी पर ग्रामीणों द्वारा बनाया जाने वाला लकड़ी का अस्थायी पुल हर वर्ष नदी में उफान आने के साथ बह जाता है। पुल के बार-बार ध्वस्त होने से ग्रामीणों और खासकर स्कूली बच्चों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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ग्रामीणों ने अब अस्थायी व्यवस्था के बजाय घूघा नदी पर पक्का पुल बनवाने की मांग उठाई है। शुक्रवार को स्कूली बच्चों ने घूघा नदी में खड़े होकर पक्का पुल बनवाने की मांग की। बच्चों का वीडियो आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता ने इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी तक पहुंचाया।

उन्होंने तत्काल नायब तहसीलदार सतीश मिश्रा को मौके पर भेजकर जांच करने तथा रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। इसके बाद नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों तथा स्कूली बच्चों से समस्या की जानकारी ली। बच्चों ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर घूघा नदी पर पक्का पुल बनवाने की मांग की।

बच्चों ने बताया कि अस्थायी पुल होने से उन्हें स्कूल आने-जाने में कम दूरी तय करनी पड़ती है, जबकि पुल बहने के बाद उन्हें काफी लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। रुस्तमनगर निकट रायपुर से घूघा नदी पर अस्थायी पुल के माध्यम से हकीमगंज, पुसवाड़ा, गद्दीनगली, रायपुर चुन्नावाला, भगवंतनगर समेत आसपास के गांवों और उत्तराखंड क्षेत्र का संपर्क जुड़ता है।

ग्रामीण हर वर्ष लकड़ी आदि की मदद से नदी पर अस्थायी पुल तैयार कर लेते हैं। इससे लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलती है। बारिश के मौसम में घूघा नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव आने पर यह अस्थायी पुल बह जाता है।

इसके बाद ग्रामीणों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, किसानों और रोजाना आवागमन करने वाले ग्रामीणों को होती है।

जिला मीडिया प्रभारी आजाद समाज पार्टी शिवम कुमार का कहना है कि क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान पक्का पुल बनने से ही संभव है। जिलाधिकारी द्वारा मामले का संज्ञान लेकर अधिकारी को मौके पर भेजे जाने के बाद ग्रामीणों में पक्का पुल बनने की उम्मीद जगी है। नायब तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के बाद अब प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

सीडीओ ने भेजी रिपोर्ट, कहा, आवागमन की पूरी सुविधा मौजूद

सीडीओ गुलाबचंद्र ने बीडीओ से जांच कराकर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी है। इसमें उन्होंने कहा है कि ग्राम रूस्तमनगर निकट रायपुर के आवागमन के लिए पक्का डामर मार्ग व पक्का पुल उपलब्ध है, जिस पर ग्रामीणों का आवागमन हो रहा है।

रूस्तमनगर के 15-20 छात्र-छात्राएं नदी पार ग्राम पंचायत रायपुर स्थित जमुना देवी इंटर कालेज में अध्ययन करते हैं, जो ग्राम पंचायत रूस्तमनगर से वाया मीरापुर होते हुए लगभग चार किमी सफर तय करके जाते हैं। रूस्तमनगर निकट रायपुर व ग्राम पंचायत रायपुर की दूरी नदी से लगभग एक किमी तक कच्चा मार्ग है।

बरसात के मौसम को छोड़कर शेष अवधि में दोनों गांव अस्थायी लकड़ी के पुल से जोड़ लिया जाता है। दोनों गांवों के लोगों का आवागमन स्वार-किलाखेड़ा रोड से पक्के मार्ग से होता है। रूस्तमनगर व रायपुर पक्के मार्ग से जुड़े हैं। आवागमन की पूरी सुविधा है।

विधायक बोले- शासन को भेजा गया प्रस्ताव

स्वार-टांडा विधायक शफीक अहमद अंसारी ने बताया कि घूघा नदी पर नया पुल स्वीकृत करने के लिए तीन-चार बार शासन को पत्र भेज चुके हैं। हाल ही में मुरादाबाद में मुख्यमंत्री के आगमन पर उन्हें भी प्रस्ताव दिया था। उम्मीद है कि जल्द ही पुल निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत हो जाएगा। इससे ग्रामीणों की दूरी कम हो जाएगी।

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