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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rampur Assembly by-election: छह साल में चौथी बार विधानसभा चुनाव, Azam Khan की विधायकी जाने से रिक्‍त हुई सीट

By Jagran NewsEdited By: Vivek Bajpai
Published: Sat, 05 Nov 2022 11:13 AM (IST)

Rampur Assembly by-election मार्च 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में रामपुर विधानसभा सीट पर आजम खां ने लगातार चौथी बार ...और पढ़ें

Rampur Assembly by-election: आजम खां की सदस्‍यता जाने के बाद रामपुर में उपचुनाव की घोषणा की गई है। जागरण आर्काइव
Rampur Assembly by-election: आजम खां की सदस्‍यता जाने के बाद रामपुर में उपचुनाव की घोषणा की गई है। जागरण आर्काइव

रामपुर, जागरण संवाददाता। Rampur Assembly by-election: समाजवादी पार्टी के वरिष्‍ठ नेता आजम खां की विधानसभा सदस्‍यता रद होने के बाद रामपुर में उपचुनाव की घोषणा कर दी गई है। आजम खां को भड़काऊ भाषण देने के मामले में तीन साल की सजा हुई, इसके चलते उनकी विधायकी चली गई और रामपुर विधानसभा सीट खाली हो गई थी। रामपुर में पांच दिसंबर को मतदान और आठ दिसंबर को चुनाव परिणाम आएंगे। रामपुर में लगातार दूसरी बार ऐसा मौका है जब एक विधायक पूरे पांच साल नहीं रह सके। पिछले बार आजम खां ने विधानसभा से इस्‍तीफा दे दिया था और इस बार उनकी सदस्‍यता रद कर दी गई। बीते करीब छह साल में यह चौथा मौका है जब रामपुर विधानसभा सीट पर चुनाव होगा। 

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2017 में विधायक बने और 2019 में दिया इस्‍तीफा

मार्च 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में रामपुर विधानसभा सीट पर आजम खां ने लगातार चौथी बार जीत दर्ज की विधायक बने थे। आजम खां ने भाजपा प्रत्‍याशी व पूर्व मंत्री शिव बहादुर सक्‍सेना को करीब 47 हजार वोटों से हराया था। हालांकि, 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में आजम खां ने रामपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और भाजपा प्रत्‍याशी जयाप्रदा को हराकर सांसद बन गए। इसके बाद आजम खां ने विधानसभा सदस्‍यता से इस्‍तीफा दे दिया और रामपुर में उपचुनाव हुआ। 

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2019 में हुए उपचुनाव में आजम की पत्‍नी बनीं विधायक

आजम के इस्‍तीफे से खाली हुई रामपुर विधानसभा सीट पर अक्‍टूबर 2019 में उपचुनाव हुआ। इसमें सपा ने आजम खां की पत्‍नी डा. तजीन फात्‍मा को प्रत्‍याशी बनाया। वहीं भाजपा ने भारत भूषण गुप्‍ता को उम्‍मीदवार मैदान में उतारा था। उपचुनाव में भाजपा और सपा के बीच कड़ी टक्‍कर हुई। हालांकि, तजीन फात्‍मा भाजपा प्रत्‍याशी को 7716 वोटों से हराकर विधायक बन गई थीं। वह 2022 तक रामपुर की विधायक रहीं।

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2022 में फिर विधायक बने आजम खां

लोकसभा चुनाव के दौरान आजम खां कई मुकदमे दर्ज हुए थे। इसके चलते उन्‍हें जेल जाना पड़ा। 2022 में हुआ विधानसभा चुनाव व जेल से ही लड़े और जीत हासिल की। उन्‍होंने भाजपा प्रत्‍याशी आकाश सक्‍सेना को हराया था।  विधायक बनने के बाद उन्‍होंने लोकसभा से इस्‍तीफा दे दिया। करीब 27 माह तक सीतापुर जेल में बंद रहने के बाद उन्‍हें जमानत मिली। आजम के इस्‍तीफे से खाली हुई लोकसभा सीट पर उपचुनाव में भाजपा के घनश्‍याम लोधी सांसद बने।

अब रामपुर में फिर उपचुनाव

लोकसभा चुनाव 2019 में दिए गए भड़काऊ भाषण के मामले में आजम की विधानसभा सदस्‍यता रद होने के बाद रामुपर विधानसभा सीट रिक्‍त घोषित कर दी गई थी। चुनाव आयोग ने रामपुर विधानसभा सीट पर चुनाव की घोषणा कर दी है। लगभग छह साल में यह चौथा मौका आया है जब रामपुर विधानसभा सीट पर चुनाव होने जा रहे है। इनमें दो बार आम चुनाव और दूसरी बार उपचुनाव होगा।