रामपुर : मौलाना एहतेशाम उल्ला खां ने कहा कि रमजान इबादत का महीना है। इसमें अल्लाह की मुकददस किताब कुरआन नाजिल हुई। उन्होंने कहा कि बुरे अमालों को जलाकर खाक कर देने का महीना है रमजान। उन्होंने मुहल्ला कुंडा की मस्जिद में कुरआन मुकम्मल होने के दौरान हुए जलसे में यह बात कही।

हाफिज यासिर अली खां ने तरावीह की नमाज के दौरान रोजाना दो पारे सुनाए। इस मौके पर शहाब खां, शारिक उल्ला खां, मौलवी अमार उल्ला खां, मासिर उल्ला, नासिर खां, महफूज खां, जुनैद मियां, सोनी खां आदि मौजूद रहे।

मस्जिद कालू खां में हुई तरावीह की नमाज के दौरान कुरआन मुकम्मल हो गया। हाफिज मोहम्मद इकराम ने रोजाना दो पारे सुनाए। हाफिज मोहम्मद फरहान ने सामा के फराइज अंजाम दिए। इस मौके पर मस्जिद के इमाम जुल्फिकार अली ने लोगों को रमजान की फजीलत बताई। कहा कि हाफिज का रुतबा बहुत बड़ा है। इस मौके पर आबिद हसन, इब्ने हसन, खुर्शीद मोहम्मद, अलीम कमाल खां, विशारत गुडडू, मोहम्मद असलम, मोनिस, तौकरी आदि मौजूद रहे।

मजार बगदादी साहब में भी तरावीह की नमाज के दौरान कुरआन मुकम्मल हो गया। यहां हाफिज अफजाल ने कुरआन सुनाया और हाफिज सईदु जमा ने सामा के फराइज अंजाम दिए। चांद मियां ने दुआ कराई। इस मौके पर मुस्लिम मुईन कुरैशी, साजिद मियां, इकबाल मियां, राशिद मियां आदि मौजूद रहे।

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Posted By: Jagran

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