रामपुर, जेएनएन : मुरादाबाद से आए एडी हेल्थ डा. प्रभाकर बंधु ने कोरोना संक्रमित बच्चों के इलाज के लिए बने पीकू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) वार्ड की व्यवस्थाओं की हकीकत जानी। संक्रमित बच्चे को कैसे और कितनी देर में उपचार मिलेगा, इसके लिए माक ड्रिल कराया गया, जिसमें 10 मिनट के अंदर ही बच्चे को उपचार मुहैया कराकर दिखाया गया। इसके बाद एडी हेल्थ व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए।

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में आक्सीजन की किल्लत से कई लोगों की जान चली गई थी। दोबारा ऐसी स्थिति न आए, इसके लिए जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां कर ली हैं। खासकर संक्रमित होने वाले बच्चों के इलाज के लिए अलग से जिला अस्पताल में 30 बेड का पीकू वार्ड बनाया गया है। यहां एक माह से 15 वर्ष तक के बच्चों के इलाज की सुविधा है। यहां आक्सीजन से लेकर वेंटीलेटर की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। शुक्रवार को एडी हेल्थ ने जिला अस्पताल पहुंचकर माक ड्रिल कराया। इसके लिए एक बच्चे को मरीज बनाकर एंबुलेंस से पीकू वार्ड तक लाया गया। एंबुलेंस आते ही तुरंत बच्चे को स्ट्रेचर से वार्ड के अंदर लाया गया और बेड पर शिफ्ट करके इलाज शुरू कर दिया गया। यहां बच्चे के इलाज के लिए बाल रोग विशेषज्ञ और स्टाफ मौजूद था। दवाओं की उपलब्धता के लिए फार्मासिस्ट हरीश धौनी तैनात किए गए। चिकित्सकों ने बच्चे का आक्सीजन लेवल कम मानते हुए ट्रीटमेंट किया गया। 10 मिनट के इलाज से बच्चे का आक्सीजन लेवल बढ़ना शुरू हो गया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संजीव यादव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. एचके मित्रा आदि मौजूद रहे।

Edited By: Jagran