मिलक, रामपुर : भारतीय कुर्मी महासभा के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार अशोक कुमार सिंह को सौंपा। इसमें कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा अर्थात नीट की प्रवेश परीक्षा 2021 की विज्ञप्ति 13 जुलाई को जारी की गई है। इसमें 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण केंद्र सरकार द्वारा लागू नहीं किया गया।

जबकि गरीब सवर्णों का 10 प्रतिशत आरक्षण केंद्र सरकार द्वारा लागू किया गया है। जो आज भी मामला कोर्ट में विचाराधीन है। ओबीसी वर्ग हेतु 27 प्रतिशत आरक्षण लागू न किए जाने से लगभग 11 हजार छात्र प्रतिवर्ष डाक्टर बनने से वंचित हो रहे हैं। केंद्र एवं प्रदेश की सरकारें अन्य प्रवेश परीक्षाओं में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण नहीं दे रही है। जिससे ओबीसी समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। जिस प्रकार केंद्र सरकार ने नीट में गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। ठीक उसी प्रकार केंद्र सरकार द्वारा ओबीसी वर्ग के लिए नीट में 27 प्रतिशत आरक्षण को तत्काल लागू किया जाए। प्रदेश सरकार द्वारा 2021 में 69 हजार शिक्षक भर्ती के दौरान ओबीसी आरक्षण घोटाला करते हुए 5844 ओबीसी सीटों पर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्त कर दिया गया है। उसे रद्द करते हुए 5844 ओबीसी सीटों पर ओबीसी छात्रों को तत्काल नियुक्त किया जाए। उत्तर प्रदेश एवं केंद्र में होने वाली सभी प्रकार की भर्तियों व प्रवेश परीक्षाओं में ओबीसी वर्ग हेतु 27 प्रतिशत आरक्षण तत्काल लागू किया जाए। जिससे ओबीसी वर्ग को प्रदत संवैधानिक अधिकार एवं प्राकृतिक न्याय मिल सके। यदि महासभा की मांगे पूरी नहीं हुई। तो भारतीय कुर्मी महासभा उत्तर प्रदेश संगठनों के साथ सामाजिक न्याय दिलाने के लिए आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। ज्ञापन पर महासभा के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष अनुपम कुमार गंगवार, जिला अध्यक्ष डा. नंदन प्रसाद पटेल, जिला सचिव दिगपाल पटेल, मंडल उपाध्यक्ष रामपाल पटेल आदि के हस्ताक्षर हैं।