रामपुर, जेएनएन। मिलक में कोरोना पॉजिटिव युवक का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक इलाज के लिए अस्पताल लाए गए कोरोना पॉजिटिव लोगों का इलाज न करने और वहां अव्यवस्थाएं होने का आरोप लगा रहा है। युवक को इलाज के लिए 24 व 25 मई की मध्यरात्रि को जौहर अस्पताल लाया गया था। खमरिया निवासी युवक की 21 मई को कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी। युवक और उसके सात परिजनों व गांव के चार अन्य कोरोना संदिग्ध समेत 12 ग्रामीणों को जौहर अस्पताल लाया गया था। युवक ने जौहर अस्पताल में वीडियो बनाया और उसे वायरल कर दिया।

वीडियो में युवक कह रहा हैं कि कोरोना को बेवजह ही हौवा बना रखा है। बिना वजह लोगों का जीना हराम कर रखा है। यहां पर क्या हालात हैं, सबको पता चल सके। कोरोना पॉजिटिव आने के बाद भी उसे कोई दिक्कत नहीं हो रही है, वह बिल्कुल स्वस्थ है। आरोप लगाया कि अस्पताल में कोई ट्रीटमेंट नहीं दिया जा रहा है। मरीजों को यहां पर कोई पूछने वाला नहीं है। अस्पताल में छह माह से लेकर, छह साल तक के कोरोना पॉजिटिव बच्चे भी हैं। पानी की टोटियों को वह छू रहे हैं। अन्य लोग भी छू रहे हैं। बच्चों से लेकर बड़े पॉजिटिव मरीज एक ही बॉथरूम का इस्तेमाल कर रहे हैं। अस्पताल में पानी भी नहीं आ रहा है। दो दिन से मुंह भी नहीं धुला है। आरोप लगाया कि अगर इन लोगों के हिसाब से कोरोना इतनी भयंकर बीमारी हैं तो उसका इलाज तो करो। गोलियां या दवाइयां खाने को दो। बस यहां लाकर डाल दिया है। जैसे कोई क्राइम कर दिया हो और जेल में डाल देते हैं। बस खाना दे रहे हैं, इलाज नहीं कर रहे। गौरतलब है कि पिछले दिनों कोरोना पॉजिटिव जिला अस्पताल के वार्ड ब्वाय ने भी कुछ इसी तरह का आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल किया था। प्रशासन ने उसके खिलाफ मुकदमा कराने के साथ ही उसकी सेवाएं भी समाप्त कर दी थीं। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुबोध कुमार शर्मा का कहना हैं कि बीमारी के लक्षण मिलने पर ही इलाज होता है।

Posted By: Jagran

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