रामपुर, जेएनएन। आचार संहिता के मामलों में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी एवं पूर्व सांसद जयाप्रदा को अदालत से भी राहत मिल गई है। हालांकि पुलिस की ओर से दोनों मुकदमों में पहले ही फाइनल रिपोर्ट लगाई जा चुकी है। अब अदालत ने भी मंजूरी दे दी है। इसके बाद दोनों पर मुकदमा नहीं चलेगा। 

यह है मामला 

लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों पर सिविल लाइंस कोतवाली में मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें नकवी पर दर्ज मुकदमा तीन अप्रैल की घटना से जुड़ा है, तब वह पार्टी प्रत्याशी एवं फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा के नामांकन के लिए रामपुर आए थे। नामांकन के बाद रामलीला मैदान में जनसभा की थी। इसमें केंद्रीय मंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र किया था। मामला चुनाव आयोग पहुंचा था। आयोग के आदेश के बाद उनके खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज किया गया था। पूर्व सांसद पर दर्ज मुकदमा नौ अप्रैल की घटना से जुड़ा है। तब वह भाजपा के टिकट पर प्रत्याशी थीं और प्रचार कर रही थीं। उनका प्रचार वाहन जौहर मार्ग से गुजरते समय स्टेटिक मजिस्ट्रेट ने रोक लिया था। वाहन पर मानक से बड़ा झंडा लगा था, जिस पर मजिस्ट्रेट के साथ मौजूद पुलिस वाहन को सिविल लाइंस कोतवाली ले गई और झंडा उतार लिया था। 

हैदराबाद की घटना को लेकर गृहराज्य मंत्री से मिलीं जयाप्रदा

भाजपा नेता एवं पूर्व सांसद जयाप्रदा ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी से भेंट कर हैदराबाद कांड के आरोपितों को फांसी की सजा दिलवाने के साथ-साथ महिलाओं की सुरक्षा की समुचित व्यवस्था किए जाने की मांग की। घटना पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि हैदराबाद में घटी घटना पर मुझे बहुत दुख है। इसकी जितनी ङ्क्षनदा की जाए वह कम है। कोई भी अपराधी ङ्क्षहदू या मुसलमान नहीं होता। कानून को चाहिए कि अपराधी जो भी हैं उन्हें उनके कृत्य का समुचित दंड दे। कहा कि इस दुख की घड़ी में वह पीडि़त परिवार के साथ हैं और ईश्वर से उन्हें हिम्मत देने की प्रार्थना करती हैं।

 

Posted By: Narendra Kumar

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