रामपुर में नवरात्र के पहले ही व्रत में कुट्टू का आटा बना 'जहर', 25 से ज्यादा बीमार; हड़कंप के बाद छापेमारी
रामपुर में नवरात्र के पहले दिन कुट्टू का आटा खाने से 25 से अधिक लोग बीमार पड़ गए, जिनमें से ...और पढ़ें

जिला अस्पताल में कुट्टू का आटा खाने से बीमार हरि शंकर से जानकारी करते सीएमएस डाॅ. बीसी सक्सेना। सौ. इंटरनेट मीडिया
HighLights
अलग-अलग गांव व मुहल्ले से पहुंचे मरीज, जानकारी पर खाद्य विभाग की टीम ने की छापेमारी
जागरण संवाददाता, रामपुर। नवरात्र के पहले ही व्रत में कुट्टू का आटा खाने से 25 से अधिक लोग बीमार हो गए। इनमें 12 की हालत ठीक न होने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। बाकी को दवा देकर घर भेज दिया गया। बीमार लोग अलग-अलग गांवों और मुहल्लों से आए थे और सभी ने अलग-अलग दुकानों से इसे खरीदा था।
इसकी जानकारी पर सोमवार को खाद्य विभाग की टीम ने मरीजों के तीमारदारों से बात करने के बाद शहर में कुछ दुकानों पर छापेमारी की और वहां से नमूने भरे हैं।
रविवार को नवरात्र का पहला व्रत था। अधिकतर लोग पहला और आखिरी व्रत रखते हैं। इसके चलते घरों में ज्यादातर सदस्य व्रत वाले ही थे। रात में व्रत खोलने के लिए घरों में कुट्टू के आटे की पूड़ी, पकाैड़ी आदि बनाई गई थी।

इन्हें खाने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। रात 10 बजे के बाद उल्टी दस्त, पेट दर्द आदि की शिकायत लेकर लोग जिला अस्पताल पहुंचने लगे। इनमें ज्यादातर को दवा देकर भेज दिया गया, लेकिन कुछ लोगों की हालत गंभीर होने पर भर्ती करना पड़ा।
जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मुरादाबाद के थाना मूंढापांडे के ग्राम धतुरा नगला के हरिशंकर ने बताया कि वह रामपुर में एक अस्पताल में फार्मासिस्ट हैं। उन्होंने मिस्टन गंज से एक दुकान से कुट्टू का आटा व अन्य सामान खरीदा था। घर पर लगभग सभी सदस्यों का व्रत था।
रात में कुट्टु के आटे की पूड़ी बनाकर खाई थी। कुछ देर बाद सभी की हालत बिगड़ने लगी। वह खुद बेचैनी महसूस कर ने लगे। उन्होंने पहले खुद दवा देकर इलाज किया, लेकिन आराम नहीं मिला।
इस पर वह सभी को लेकर जिला अस्पताल आ गए। यहां उन समेत परिवार के सात लोग भर्ती हैं। उनके अलावा पत्नी पूनम, छोटा भाई विशेष, उसकी पत्नी राखी, मां कैलाशो, अंजलि को भर्ती किया गया।
इसके अलावा कुट्टू का आटा खाने से अस्पताल में भर्ती लोगों में शहर कोतवाली के मुहल्ला खारी कुआं के राघव, मुहल्ला लाल मस्जिद के मनोज, उनके पिता हीरा लाला, नजीबाबाद की संतोष, गंज के मुहल्ला घेर मीरबाज खां निवासी कोमल और बमनपुरी गांव के विशाल सैनी की 14 साल की बेटी दीपाली शामिल हैं।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. बीसी सक्सेना ने बताया कि 12 लोगों को भर्ती किया गया है, जबकि करीब 15 से 20 लोग दवा लेकर चले गए। सोमवार दोपहर तक सभी की हालत में सुधार हो गया और धीरे-धीरे सभी को डिस्चार्ज कर दिया गया।
