रामपुर : बुखार से छात्र की मौत की खबर दैनिक जागरण में प्रकाशित होने के बाद बांसनगली गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डेरा डाल दिया है। टीम ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की। बीमार लोगों को दवाएं दी गईं। गांव में मच्छरों से निजात को दवा का छिड़काव और फा¨गग भी कराई गई। भोट थाना क्षेत्र का बांसनगली गांव में पिछले काफी समय से बुखार का प्रकोप है। दो दिन पहले बुखार ने एक किशोर की जान ले ली। मृतक गांव के रतनलाल का 14 वर्षीय पुत्र मुकेश था। वह गांव के ही स्कूल में कक्षा सात का छात्र था। उसके पिता दिव्यांग हैं। परिवार चलाने के लिए घर में परचून की दुकान करते हैं, जबकि छात्र भी बाजारों में खिलौने बेचकर पिता की मदद करता था। पांच सितंबर को वह कोयली गांव में लगे छड़ी मेले में खिलौने बेचने गया था। देर शाम वापसी के समय वह तेज बारिश में भीग गया। इसके बाद उसे बुखार आ गया। सरकारी अस्पताल में उसे उचित उपचार नहीं मिल सका। निजी अस्पताल में भी 24 घंटे रखा गया। बाद में परिजन बरेली ले गए, जहां 10 सितंबर की रात उसकी मौत हो गई थी। उसके इलाज में गरीब परिजनों के दो लाख रुपये खर्च हो गए। छात्र की मौत की खबर दैनिक जागरण में प्रकाशित हुई तो बुधवार को ही स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंच गई। टीम ने दिन भर गांव के बीमार लोगों की जांच की। स्लाइड बनाईं और खून आदि की जांच की। सीएमओ ने किया निरीक्षण

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुबोध कुमार शर्मा ने भी गांव जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि गांव में बेहद गंदगी है। यही गंदगी बीमारी की वजह है। इसके लिए प्रधान सोमपाल ¨सह को सफाई कराने के लिए कहा गया है। हालांकि गांव में फा¨गग और दवा का छिड़काव कराया गया है। उन्होंने बताया कि बुखार पीड़ित छात्र की मौत की जानकारी लेने उसके परिजनों से मिले। परिजनों से मिली जानकारी से अनुमान है कि छात्र की मौत ट्यूबर कूलोसिस मैनेनजाइटिस से हुई है। गांव में चमरौआ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी के नेतृत्व में टीम ने कैंप लगाकर रोगियों का उपचार किया। परीक्षण में 280 सामान्य रोगी मिले। 39 रोगियों की रक्त पट्टिकाएं बनाई गईं। मलेरिया की रोकथाम के लिए फा¨गग कराई गई है। ग्रामीणों को स्वच्छता के बारे में बताया। इसके अलावा प्रधान नियमित दवा का छिड़काव कराने और गांव में साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। ¨हदू युवा वाहिनी की टीम ने भी किया निरीक्षण बांसनगली गांव में बुखार के प्रकोप की जानकारी पर ¨हदू युवा वाहिनी की टीम ने भी दौरा किया। इस दौरान वहां गंदगी मिली। मच्छरों की भरमार थी। ग्रामीणों से बात करने पर पता चला कि यहां दवा का छिड़काव नहीं हुआ है। न ही नियमित सफाई की जाती है। वाहिनी के मीडिया प्रभारी प्रियांशु अग्रवाल आदित्य ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को फोन करके गांव में सफाई कराए जाने को कहा। इसके अलावा सीएमओ से भी दवा का छिड़काव कराने के संबंध में बात की। बाद में वह टीम के साथ मृतक छात्र के घर भी गए। परिजनों को सांत्वना दी। परिजनों ने बताया कि बेटे को सरकारी अस्पताल में इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी।

Posted By: Jagran