TMC प्रत्याशी को सीधी चेतावनी से याद आया रामपुर का वो एनकाउंटर, जब IPS अजयपाल ने 24 घंटे में किया था न्याय
आईपीएस अजयपाल शर्मा पश्चिम बंगाल में टीएमसी प्रत्याशी को चेतावनी देने के वीडियो के कारण फिर चर्चा में हैं। वह ...और पढ़ें

आईपीएस अजयपाल शर्मा
HighLights
वर्ष 2019 में थाना सिविल लाइंस में हुई थी घटना, तब रामपुर में एसपी थे अजयपाल शर्मा
जागरण संवाददाता, रामपुर। आइपीएस अजयपाल शर्मा एक बार फिर चर्चा में हैं। वह इन दिनों पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी कर रहे हैं और यहां उनके दबंगई के वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं। एक वीडियो में वह तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी को चेतावनी देते हुए दिख रहे हैं।
अपनी कार्यशैली को लेकर वह समय-समय पर चर्चा में आते रहे हैं। वर्ष 2019 में रामपुर जिले में बतौर एसपी रहे थे। तब छह साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में आरोपित को 24 घंटे में पकड़ने को लेकर भी वह चर्चा में आए थे।
उनके नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने आरोपित को मुठभेड़ के बाद पकड़ा था। आरोपित को पैर में गोली लगी थी। इस मुकदमे की 30 दिन में विवेचना पूरी कर आरोप पत्र भी न्यायालय में पेश कर दिया था। छह माह में आरोपित को पाक्सो एक्ट न्यायालय से फांसी की सजा भी सुनाई गई थी।
उनके इस कारनामे के बाद उसी साल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें सम्मानित किया था। इसके बाद उन्हें प्रमोशन देकर एसएसपी बनाया गया। फिर उनका तबादला नोएडा हो गया था
यह था मामला
सात मई 2019 को सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की एक कालोनी में रहने वाली छह साल की बच्ची घर के बाहर खेलते समय गायब हो गई थी। उसकी काफी तलाश की गई, लेकिन वह नहीं मिली थी। डेढ़ माह बाद उसका कंकाल कालोनी से कुछ दूर निर्माणाधीन मकान में मिला था।
बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या की गई थी और उसका शव पहचान मिटाने के लिए जलाया गया था। यह मामला पुलिस के लिए चुनौती बन गया था।
इस मामले में तत्कालीन एसपी अजयपाल शर्मा ने टीम गठित की और 24 घंटे में घटना का राजफाश करते हुए उसी कालोनी के एक युवक को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। उसने पुलिस के सामने अपना जुर्म भी स्वीकार किया था।
