भास्कर सिंह, रामपुर : जिले में कोरोना संक्रमण का असर शहर में पूरी तरह खत्म हो चुका हैं। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में अब भी कोरोना के मरीज मिल रहे हैं। इसका प्रमुख कारण गांवों में स्वास्थ्य सुविधाएं कम हैं और अज्ञानता के कारण ग्रामीण खुद अपनी जांच नहीं कर पाते हैं। ऐसे में इनकी मदद के लिए इनिशिएटिव मानस फाउंडेशन संस्था ने पहल शुरू की है। संस्था की ओर से गांवों में मेडिकल केयर सेंटर खोले जा रहे हैं। इसकी शुरुआत ढक्का हाजीनगर गांव से की है। इस गांव में मेडिकल केयर सेंटर स्थापित किया है, जहां रोजाना ग्रामीणों की सेहत की जांच की जाती है।

गांवों के युवाओं को सौंपी जिम्मेदारी

संस्था के डायरेक्टर मुदित अग्रवाल बताते हैं कि कोरोना काल में हमने जरूरतमंदों की मदद के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया। इस नंबर पर काल करने वालों को चिकित्सीय सुविधा दिलाने से लेकर राशन, दवाएं आदि की व्यवस्था संस्था की ओर से की जाती। गांवों से भी फोन आने लगे। अधिक दूरी के कारण मदद करना संभव नहीं हो रहा था। तब हमने गांवों में मेडिकल केयर सेंटर खोलने का निर्णय लिया ताकि वहां ग्रामीणों की समय रहते सेहत की जांच हो सके और उन्हें चिकित्सा सुविधा समय पर मिल जाए। इसके लिए हमने ढक्का हाजीनगर गांव को चुनाव। गांव के कुछ युवाओं को प्रशिक्षण दिया। अब इन युवाओं द्वारा मेडिकल सेंटर पर आने वाले ग्रामीणों की आक्सीजन लेवल से लेकर पल्स, ब्लड प्रेशर, शुगर आदि की जांच की जाती है। जरूरत पड़ने पर बीमार व्यक्ति को फोन से डाक्टर द्वारा चिकित्सकीय सलाह दिलाते हैं। हमारा मकसद ज्यादा से ज्यादा गांवों में मेडिकल केयर सेंटर खोलने का है। इसके लिए तीन अन्य गांवों में बात चल रही है। यदि किसी गांव के लोग भी अपने यहां मेडिकल केयर सेंटर की सुविधा चाहते हैं तो संस्था ने हेल्पलाइन नंबर 7617736088 पर संपर्क कर सकते हैं। कवि कुमार विश्वास ने भी की संस्था की मदद

इनिशिएटिव मानस फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे मेडिकल केयर सेंटर को कवि कुमार विश्वास से भी मदद मिली। संस्था के डायरेक्टर सजल अग्रवाल ने बताया कि हमारे पास मेडिकल किट की कमी हो गई थी। इस पर मशहूर कवि कुमार विश्वास को ट्वीट किया। उनकी टीम ने तुरंत हमसे संपर्क किया। 48 घंटे में 30 मेडिकल किट और सर्जिकल सामान भिजवाया। मेडिकल किट में कोविड लक्षण वाले मरीजों को दी जाने वाली खांसी, बुखार की दवाएं और कफ सीरप था।

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