जागरण संवाददाता, रामपुर : मंगलवार आधी रात के बाद पड़ी बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं कुछ लोगों के लिए बारिश मुसीबत बन गई। बारिश में एक गरीब का मकान गिर गया। मलबे में दबकर उसकी बेटी की मौत हो गई, जबकि परिवार के सात लोग घायल हो गए।

घटना सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला नादरबाग की मढ़ैया की है। यहां सरदार अंसारी का मकान है। रात में वह परिवार के साथ मकान में सो रहा था। आधी रात के बाद बारिश पड़ने लगी, जो तड़के तक होती रही। सुबह साढ़े सात बजे अचानक मकान की छत भरभराकर नीचे गिर गई। उसके मलबे में पूरा परिवार दब गया। आवाज सुनकर आसपास के लोग आ गए। वहां चीख पुकार मची थी। मलबे में दबे लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे। लोगों ने मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकाला।

जानकारी पर सिविल लाइंस कोतवाल राधेश्याम फोर्स के साथ वहां आ गए। उप जिलाधिकारी सदर प्रेम प्रकाश तिवारी भी पहुंच गए। पुलिस ने लोगों की मदद से घायल परिजनों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां सरदार अंसारी की 16 वर्षीय बेटी सलीना को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिवार के अन्य सदस्य घायल हो गए। घायलों में उनके अलावा पत्नी सायरा, 17 साल का बेटा रहमान, 15 साल की बेटी गुलअफशा, 13 साल की हसीना, 12 साल की अदीबा और साली चांद बी शामिल हैं। इन सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कर लिया है। मकान मालिक की ओर से घटना की तहरीर सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस को दे दी है।

पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने के लिए प्रशासन ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। उधर, पटवाई के ग्राम लालपुर पट्टी कुंदन में रहने वाले ओमपाल सिंह मेहनत मजदूरी करते हैं। वह रात में पत्नी कंचन और तीन बच्चों के साथ कमरे में सो रहे थे। बराबर वाले कमरे में उनका भाई तुलाराम भी पत्नी बच्चों के साथ सो रहा था। उनके बरामदे में लोहे और सीमेंट की चादरों की छत लगी है। आधी छत एक माह पहले आंधी-बारिश में गिर गई थी और बाकी छत रात हुई बारिश में गिर गई। संयोग से हादसा रात में हुआ, जिससे किसी को चोट नहीं लगी, लेकिन आर्थिक नुकसान हो गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि वह कई बार आवास योजना के लिए अधिकारियों और प्रधान से कह चुके हैं, लेकिन उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका।

Posted By: Jagran

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