जागरण संवाददाता, मिलक : रसोई गैस के सिलेंडरों से वाहनों में गैस रिफलिग का धंधा जोरों से चल रहा है। घरेलू सिलेंडरों की गैस की कालाबाजारी कर पुलिस की नाक के नीचे बेची जा रही है। भीड़भाड़ भरी गलियों में रसोई गैस के सिलेंडरों से वाहनों में गैस भरी जा रही है। किसी भी प्रकार की गंभीर दुर्घटना घटित हो सकती है। रामलीला ग्राउंड, स्टेशन रोड व अन्य कई स्थानों पर गैस रिफलिग हो रही है। दिन-रात लगातार बिना किसी कानूनी खौफ के घरेलू गैस की कालाबाजारी माफिया बेखौफ होकर कर रहे हैं। गैस रिफलिग के समय आसपास छोटे-छोटे बच्चे खेल रहे होते हैं। एक चिगारी गैस रिफलिग करते समय भयंकर हादसे को अंजाम दे सकती है। गैस रिफिलिग के दौरान 10 से 15 वाहन गैस भरवाने के लिए एक-दूसरे से सटकर खड़े कर दिए जाते हैं। यदि किसी कारण वश कोई हादसा हुआ तो दर्जनों वाहन चपेट में आकर भीषण दुर्घटना का रूप धारणकर सकते हैं।

रसोई गैस की रिफिलिग किए जाने वाले स्थान के पास निवास करने वाले लोगों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में सूचना कई बार स्थानीय प्रशासन को दी है। पुलिस प्रशासन के द्वारा गैस माफिया के ऊपर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। सड़कों पर घरेलू गैस से दौड़ रहे वाहन कई बार सड़क पर ही धू-धूकर जल चुके हैं। इसके बाद भी प्रशासन गैस के रिफलिग के धंधे को बंद कराने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा है। एसडीएम डा. ज्योति गौतम का कहना है कि रसोई गैस की कालाबाजारी करके रिफिलिग का मामला संज्ञान में आया है। आरोपियों के खिलाफ छापेमारी कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Jagran

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