रामपुर, जेएनएन। यूपीए सरकार में विदेश मंत्री रहे कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद को बड़ा झटका लगा है। घोटाले के आरोप में अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। लुईस खुर्शीद पर डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से दिव्यांगों को निश्शुल्क उपकरण बांटने में घोटाले का आरोप है। लुईस के साथ ही ट्रस्ट के सचिव अतहर फारुकी की अग्रिम जमानत याचिका भी सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी। इस फर्जीवाड़े की रिपोर्ट जिले के बिलासपुर कोतवाली में दर्ज हुई थी। 

जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब लुईश खुर्शीद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब उनपर गिरफ्तारी का तलवार लटक रही है। इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए ही कांग्रेस नेता की पत्नी एवं ट्रस्ट के सचिव ने सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी लेकिन, कोर्ट ने उन्हें झटका देे दिया। शासकीय अधिवक्ता फौजदारी दलविंदर सिंह डंपी ने बताया कि सुनवाई के बाद सेशन कोर्ट ने दोनों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। 

यह था मामला

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने प्रदेश के 17 जिलों में दिव्यांगों को निश्शुल्क उपकरण बांटने के लिए कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की पत्नी की देखरेख में संचालित डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट फर्रुखाबाद को 71.50 लाख रुपये अनुदान राशि दी थी। इसमें रामपुर जिले के लिए भी करीब चार लाख रुपये मिले थे। ट्रस्ट की ओर से बिलासपुर में कैंप लगाकर उपकरण बांटे जाने थे लेकिन, इसे सिर्फ कागजों में दर्शा दिया गया। वर्ष 2010 में यह घोटाला पकड़ में आया। 

कई जिलों में हुआ घोटाला

यह घोटाला सिर्फ रामपुर में ही नहीं हुआ बल्कि कई जिलों में भी किया गया। तब आर्थिक अपराध शाखा लखनऊ से इसकी जांच हुई और जिस-जिस जिले में घपला पकड़ा गया, वहां मुकदमा दर्ज कराया गया। यहां भी बिलासपुर के तत्कालीन तहसीलदार, जिला समाज कल्याण अधिकारी व ट्रस्ट के प्रतिनिधि प्रत्युष शुक्ला के खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने कांग्रेस नेता की पत्नी और ट्रस्ट के सचिव का नाम भी मुकदमे में शामिल कर लिया था। अब यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। 

Posted By: Narendra Kumar

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