बिलासपुर : पराली जलाने को लेकर की गई कार्रवाई से नाराज किसानों ने कोतवाली और तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शित किया। उसके बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंप मुकदमे वापस लेने की मांग की है।

पूर्वाह्न 11 बजे क्षेत्र के दर्जन भर से अधिक किसान कोतवाली पहुंच गए। वहां उन्होंने किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। वे पुलिस पर बदले की भावना से कार्रवाई किए जाने का आरोप लगा रहे थे। इसके बाद वहां से वे सीधा तहसील परिसर पहुंचे। वहां उप जिलाधिकारी के न मिलने पर उनके आवास पर पहंच गए और धरने पर बैठ गए। इस पर एसडीएम डा. राजेश कुमार बाहर आए और उनकी समस्या सुनी। इस दौरान किसानों का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि सरकार पराली निस्तारण के लिए किसानों को पच्चीस सौ रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा दे। लेकिन, अब तक उन्हें कुछ नहीं दिया गया है। जब तक मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक उन्हें पराली जलाने से न रोका जाए। उनका कहना था कि सुप्रीम कोर्ट ने किसानों पर किसी भी तरह का जुर्माना न डालने को भी कहा है। इसके बावजूद प्रशासन उस आदेश की अवहेलना करते हुए जुर्माने की कार्रवाई कर रहा है। आगे कहा कि किसानों को तो परेशान किया जा रहा है। लेकिन, फैक्ट्रियों से होने वाले प्रदूषण पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही। किसान इस मनमानी को किसी हाल में सहन नहीं करेंगे। इस अवसर पर गन्ना समिति के चेयरमैन अमरजीत सिंह, पूर्व ब्लाक प्रमुख मुहम्मद हसन, हरजिदर सिंह, अर्जुन सिंह गिल, जगजीत सिंह गिल, डा. गुरशरणजीत सिंह, मनजीत सिंह, सूरत सिंह, परविदर सिंह, गुरचरन सिंह, गुरपाल सिंह आदि मौजूद रहे।

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