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दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई के लिए खुशखबरी: अब सरकार देगी एस्कॉर्ट अलाउंस, खाते में भेजे जाएंगे इतने रुपये

Published: Tue, 11 Aug 2026 08:23 PM (IST)

मंडल के 871 गंभीर व बहु दिव्यांग विद्यार्थियों को पहली बार 600 रुपये प्रतिमाह की दर से 10 माह तक ...और पढ़ें

रिसोर्स सेंटर में दिव्यांग बच्चों को वर्क शीट कार्य कराते विशेष शिक्षक। जागरण

रिसोर्स सेंटर में दिव्यांग बच्चों को वर्क शीट कार्य कराते विशेष शिक्षक। जागरण

HighLights

  1. दिव्यांगता अब बच्चों की पढ़ाई की राह में नहीं बनेगी बाधा

संवाद सहयोगी, रामपुर। दिव्यांगता अब बच्चों की पढ़ाई की राह में बाधा नहीं बनेगी। गंभीर और बहु दिव्यांग बच्चों को स्कूल तक पहुंचने में होने वाली परेशानी दूर करने के लिए सरकार पहली बार एस्कार्ट अलाउंस देगी। मंडल के परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के 871 अति दिव्यांग विद्यार्थियों को 600 रुपये प्रतिमाह की दर से 10 माह तक यह सहायता मिलेगी।

एस्कार्ट अलाउंस की धनराशि से मिलने वाली इस मदद से बच्चों के माता-पिता पर स्कूल लाने-ले जाने का आर्थिक बोझ कम होगा और दिव्यांग विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने में मदद मिलेगी। डीसी समेकित शिक्षा सतेंद्र शर्मा ने बताया कि एस्कार्ट अलाउंस की राशि पात्र विद्यार्थियों के माता-पिता के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।

जनपद गंभीर दिव्यांग बच्चे मिली धनराशि
मुरादाबाद 292 ₹17.52 लाख
संभल 122 ₹7.32 लाख
रामपुर 161 ₹9.66 लाख
अमरोहा 114 ₹6.84 लाख
बिजनौर 182 ₹10.92 लाख
कुल योग 871 ₹52.26 लाख

इस योजना में पूर्ण दृष्टि दिव्यांग, बौद्धिक दिव्यांग, सेरेब्रल पाल्सी, बहु दिव्यांग और जापानी इंसेफलाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से प्रभावित पात्र विद्यार्थी शामिल होंगे। एस्कार्ट एलाउंस का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों का विद्यालय में नियमित उपस्थित रहना जरूरी होगा।

इसके माध्यम से बच्चों को स्कूल तक पहुंचने में आने वाली परेशानी दूर करने के साथ ही उन्हें नियमित पढ़ाई से जोड़ना है। समग्र शिक्षा परियोजना निदेशालय की ओर से छात्रों की सूची और निर्धारित धनराशि जारी कर दी गई है। निर्देश दिए गए हैं कि पात्र विद्यार्थियों को 31 अगस्त तक एस्कार्ट एलाउंस का भुगतान सुनिश्चित कराया जाए।

 

एस्कार्ट एलाउंस का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों का विद्यालय में नियमित उपस्थित रहना जरूरी होगा। इस मदद से बच्चों के माता-पिता पर स्कूल लाने-ले जाने का आर्थिक बोझ कम होगा और दिव्यांग विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने में मदद मिलेगी।

- कल्पना देवी, बीएसए, रामपुर


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