जागरण संवाददाता, रामपुर : तहसील परिसर के अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक व स्टांप वेंडरों ने उपनिबंधक कार्यालय को नई तहसील परिसर से पुरानी तहसील किला में स्थानांतरित न करने की मांग की। इस संबंध में रजिस्ट्रार और डीएम को ज्ञापन भी सौंपा।

उनका कहना था कि कुछ अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक दस्तावेज लेखन का कार्य अब भी पुरानी तहसील में करते हैं। वे चाहते हैं कि सब रजिस्ट्रार कार्यालय पुरानी तहसील में दोबारा से स्थानांतरित कर दिया जाए। ऐसा करने से जनता को काफी परेशानी होगी। साथ उनकी जान को भी खतरा बना रहेगा। क्योंकि पुरानी तहसील का भवन नवाबी दौर का बना हुआ हैं, जो काफी जर्जर हो चुका है, इसका अधिकांश भाग गिर चुका है, जिसके कारण सन 2006 में तहसीलदार कोर्ट को नई तहसील में स्थापित किया गया था। यहां पर अब तहसीलदार कोर्ट एवं एसडीएम कोर्ट है। सन 2013 में पुरानी तहसील का अधिकांश भाग गिर जाने पर पीडब्ल्यूडी व जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों द्वारा मौका मुआयना करने के बाद सब रजिस्ट्रार कार्यालय नई तहसील परिसर में बना दिया था। यहां पर काफी स्थान है। सब रजिस्ट्रार कार्यालय के यहां होने से निबंधन आदि का कार्य आसानी से हो जाता है, जिससे जनता को कोई परेशानी नहीं होती और न जनता या जनप्रतिनिधि द्वारा यहां से स्थानांतरण की मांग की गई है। सब रजिस्ट्रार कार्यालय, तहसीलदार कोर्ट व राजस्व कार्यालय एक ही परिसर में होने से जनता के सभी कार्य आसानी से हो जाते हैं। इसलिए सब रजिस्ट्रार कार्यालय को नई तहसील परिसर में ही रहने दिया जाए और पुरानी तहसील में सब रजिस्ट्रार कार्यालय के रिकार्ड रूम को भी नई तहसील परिसर में लाया जाए। सीलन के कारण पुरानी तहसील में रखे रिकार्ड के खराब होने की संभावना है।

ज्ञापन पर विकास सक्सेना, प्रवीन अग्रवाल, प्रांजल अग्रवाल, सचिन सक्सेना, बलवंत सिंह, वीरेंद्र सिंह, अभिषेक सक्सेना, भरत कुमार पूनिया, दिलीप कुमार सक्सेना आदि के हस्ताक्षर हैं।

Posted By: Jagran

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